फटाफट डेस्क। भारत में एक्सप्रेस-वे और हाईवे आधुनिक प्रगति की जीवन रेखा बन चुके हैं, जो न केवल शहरों की दूरी कम करते हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी गति देते हैं। करोड़ों लोग रोज़ाना इन रास्तों का उपयोग करते हैं, लेकिन रफ़्तार के इस सफर में सुरक्षा के कुछ सख्त नियम हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ करना आपको बहुत भारी पड़ सकता है। हाईवे पर गाड़ी दौड़ाना जितना सुविधाजनक है, यहाँ के नियम उतने ही कड़े हैं क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक न केवल जानलेवा साबित हो सकती है, बल्कि आपको कानूनी पचड़ों में भी डाल सकती है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत पाँच ऐसे काम हैं जिन्हें हाईवे पर करना पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसा करने पर भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द होने या जेल तक जाने की नौबत आ सकती है।
हाइवे पर सुरक्षित ड्राइविंग का पहला और सबसे बुनियादी नियम है स्टीयरिंग पर पूर्ण नियंत्रण। अक्सर देखा जाता है कि लोग ड्राइविंग के दौरान खाने-पीने लगते हैं, लेकिन नियमों के मुताबिक स्टीयरिंग व्हील से हाथ हटाकर भोजन करना या पानी पीना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकता है क्योंकि इससे वाहन पर से नियंत्रण खोने का खतरा रहता है। इसी तरह, मोबाइल फोन का उपयोग करना एक और बड़ी भूल है; फोन पर बात करना, मैसेज देखना या सोशल मीडिया चलाना ध्यान भटकाता है, जो तेज़ रफ़्तार के दौरान किसी बड़े हादसे को न्यौता देता है।
सुरक्षा के लिहाज से सबसे गंभीर अपराध नशे की हालत में गाड़ी चलाना है। हाईवे पर किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाना न केवल आपकी बल्कि दूसरों की जान को भी जोखिम में डालता है, जिसके लिए कानून में सबसे सख्त सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, एक्सप्रेस-वे पर बिना किसी ठोस आपातकालीन कारण के गाड़ी रोकना या पार्क करना भी प्रतिबंधित है। हाईवे पर गाड़ियाँ अत्यधिक गति से चलती हैं, ऐसे में अचानक खड़ी गाड़ी के कारण पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने की संभावना बढ़ जाती है। केवल टायर पंक्चर होने या अचानक स्वास्थ्य खराब होने जैसी आपात स्थितियों में ही किनारे पर गाड़ी खड़ी करने की अनुमति दी जाती है।
लेन ड्राइविंग के अनुशासन का उल्लंघन करना भी आपको मुसीबत में डाल सकता है। एक्सप्रेस-वे पर ओवरटेकिंग के लिए हमेशा दाईं ओर का उपयोग करना चाहिए; बाईं ओर से ओवरटेक करना या अचानक बिना संकेत (इंडिकेटर) दिए लेन बदलना रैश ड्राइविंग के अंतर्गत आता है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 (2019 संशोधन) के कड़े प्रावधानों के तहत इन नियमों को तोड़ने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, गंभीर मामलों में 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है और नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने पर अपराधी को 6 महीने तक जेल की सलाखों के पीछे गुजारने पड़ सकते हैं। प्रशासन अब इन नियमों को लेकर बेहद सख्त है और कैमरों के जरिए इन पर पैनी नज़र रखी जा रही है।
