धमतरी। शहर के बठेना वार्ड में हाल ही में बनी निकासी नालियां अब राहत की बजाय परेशानी का कारण बन गई हैं। बिना स्लैब ढंकी इन खुली नालियों से उठती दुर्गंध, बढ़ता मच्छरों का प्रकोप और लगातार हादसों का खतरा वार्डवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में शासन के तय मापदंडों की अनदेखी की गई, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थिति से नाराज वार्ड की महिलाएं कुछ दिन पहले नगर निगम पहुंचीं और महापौर रामू रोहरा को अपनी समस्या बताई। महापौर ने जल्द समाधान का भरोसा दिया, लेकिन हालात अब भी जस के तस हैं। स्थानीय महिलाओं सोहद्राबाई और कुंती बाई का कहना है कि नाली तो बना दी गई, लेकिन जरूरी स्थानों पर स्लैब नहीं लगाया गया। इससे बदबू सीधे घरों तक पहुंच रही है और मच्छरों के साथ कीड़े-मकोड़े भी घरों में घुस रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
प्रमिला, धनेश्वरी, लीला बाई और चंद्रिका बाई सहित अन्य रहवासियों ने बताया कि निर्माण में लापरवाही साफ नजर आ रही है। खुली नालियां कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं। इसी तरह की समस्या सोरिद वार्ड के काली मंदिर-सांई मंदिर गली में भी देखने को मिल रही है, जहां कई शिकायतों के बावजूद हालात नहीं बदले। स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक कई बच्चे और मवेशी इन नालियों में गिर चुके हैं।
बठेना वार्ड निवासी हरिराम सिन्हा ने कहा कि नाली निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है और जिम्मेदार कर्मचारी काम के बाद सर्वे की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं अवंतिका चंद्राकर ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य बिना निगरानी के चल रहा है, निगम के इंजीनियर मौके पर निरीक्षण तक नहीं करते। मजबूरी में कई लोगों ने अपने खर्च पर घर और दुकानों के सामने स्लैब डलवाए हैं, बावजूद इसके अब तक पांच से अधिक लोग खुली नालियों में गिर चुके हैं।
वार्ड पार्षद श्यामलाल नेताम ने भी नगर निगम में अनियमितताओं की शिकायत किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है। अब वार्डवासी मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सभी नालियों को स्लैब से ढंका जाए, सफाई व्यवस्था सुधारी जाए और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
