नई दिल्ली। देश में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर चल रही अफवाहों पर बड़ा बयान सामने आया है। प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि देश में किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने राज्यों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सप्लाई चेन को दुरुस्त रखना, जमाखोरी रोकना और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों से उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों और उनके भारत पर संभावित प्रभाव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
Narendra Modi ने बैठक में कहा कि बदलते वैश्विक हालात में भारत को सतर्क, तैयार और समन्वित रहना होगा। उन्होंने कोविड काल की याद दिलाते हुए कहा कि जिस तरह “टीम इंडिया” बनकर केंद्र और राज्यों ने मिलकर चुनौतियों का सामना किया था, उसी भावना की आज फिर जरूरत है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हालात पर लगातार नजर रखना और तेजी से निर्णय लेना समय की मांग है।
बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश में आर्थिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और सप्लाई चेन को मजबूत रखना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने राज्यों से कहा कि फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य स्तर पर होती है, इसलिए केंद्र और राज्यों के बीच लगातार संवाद बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने अफवाहों और गलत सूचनाओं पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी तरह की पैनिक सिचुएशन को रोकने के लिए समय पर सही जानकारी जनता तक पहुंचना जरूरी है। साथ ही जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कृषि क्षेत्र, खासकर खाद भंडारण और वितरण व्यवस्था पर पहले से तैयारी रखने पर जोर दिया ताकि आने वाले खरीफ सीजन में कोई बाधा न आए।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को अपने स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने चाहिए और जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखना होगा। विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों, विशेषकर पश्चिम एशिया में रह रहे लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए हेल्पलाइन, नोडल अधिकारी और सपोर्ट सिस्टम तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
ऊर्जा नीति पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बायोफ्यूल, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और गोबरधन जैसी योजनाओं को तेज करने की बात कही। उन्होंने घरेलू ऊर्जा उत्पादन और गैस आपूर्ति बढ़ाने पर भी फोकस करने को कहा।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और एलपीजी की सप्लाई समेत जरूरी कदम समय पर उठाए जा रहे हैं। वहीं कैबिनेट सचिव T V Somanathan ने मौजूदा हालात पर विस्तृत प्रस्तुति दी और राज्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए।
वहीं कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि देश में ईंधन और जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी और एलपीजी आवंटन बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया गया।
