बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के पवित्र धार्मिक स्थल गिरौदपुरी मंदिर परिसर के बाहर शुक्रवार सुबह एक भीषण आगजनी की घटना ने अफरा-तफरी मचा दी। मंदिर के बाहर लगी झोपड़ीनुमा अस्थायी दुकानों में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते 16 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और सब कुछ जलाकर खाक कर दिया।
सुबह के समय हुई इस घटना में राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को राहत देने की तैयारी में जुट गया है।
प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाली वजह सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर के पास लगे ट्रांसफार्मर पर एक बंदर के कूदने से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे निकली चिंगारी ने पास की दुकानों में आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं और लपटों से घिर गया।
स्थिति उस समय और भयावह हो गई जब दुकानों में रखे तीन गैस सिलेंडरों में एक के बाद एक धमाके हुए। इन विस्फोटों से आग ने और विकराल रूप ले लिया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
सूचना मिलते ही गिरौदपुरी पुलिस चौकी प्रभारी अश्वनी पडवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने बाल्टी और बर्तनों की मदद से आग को मंदिर परिसर तक फैलने से रोकने में अहम भूमिका निभाई। बाद में फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इस हादसे में जहां दुकानों का सारा सामान जलकर खाक हो गया, वहीं शॉर्ट सर्किट की वजह बने बंदर की मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा है और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
