रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर बड़ा शिकंजा कसते हुए सख्त कार्रवाई की है। औद्योगिक इकाइयों की लगातार निगरानी के दौरान पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन सामने आने पर मंडल ने न केवल उत्पादन बंद कराया, बल्कि भारी आर्थिक दंड भी लगाया है।
मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा जल और वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है।
जनवरी 2026 से अब तक 23 उद्योगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें उरला और सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के बड़े स्पंज आयरन प्लांट—वासवानी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, शिल्फी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड और एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड शामिल हैं। वहीं सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड को बिना अनुमति फ्लाई ऐश डंपिंग के मामले में नोटिस दिया गया है।
नोटिस के बावजूद सुधार नहीं करने, बिना अनुमति संचालन जारी रखने और शिकायतों में प्रदूषण पाए जाने के चलते मंडल ने अब तक 30 उद्योगों का उत्पादन बंद करा दिया है और उनके बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए हैं। मंडल ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी पर्यावरणीय मानकों और शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाएगा, तब तक संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा, नियमों की अनदेखी करने वाले 13 उद्योगों पर कुल 28.92 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाई गई है। मंडल ने कहा है कि जनहित और पर्यावरण सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी औद्योगिक इकाइयों को नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी किसी उद्योग द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
