भोपाल. मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सरकार और एजेंसियों की सख्ती लगातार दिखाई दे रही है. इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाघ तस्करी से जुड़ी आरोपी यांगचेन लाचुंगपा को बड़ा झटका लगा है. नर्मदापुरम की अदालत ने उसकी दूसरी जमानत याचिका भी निरस्त कर दी है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि वन्यजीव अपराधों के मामलों में अब किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा रही.
जनसंपर्क अधिकारी केके जोशी के अनुसार, मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, नई दिल्ली की संयुक्त कार्रवाई में 10 वर्षों से फरार चल रही इस अंतरराष्ट्रीय तस्कर को 2 दिसंबर 2025 को भारत-चीन सीमा के पास सिक्किम के लाचुंग (जिला मंगन, उत्तर सिक्किम) से गिरफ्तार किया गया था. यह गिरफ्तारी कई महीनों की निगरानी और गुप्त कार्रवाई के बाद संभव हो सकी.
मामला वर्ष 2015 का है, जब सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ और पैंगोलिन के अवैध शिकार तथा उनके अंगों.. बाघ की हड्डियां और पैंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में तस्करी का खुलासा हुआ था. इस गंभीर प्रकरण की जांच स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को सौंपी गई, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया. अब तक इस मामले में 31 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें यांगचेन लाचुंगपा को एक अहम कड़ी माना जा रहा है.
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क भारत, भूटान और चीन तक फैला हुआ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा यांगचेन लाचुंगपा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था. वह मूल रूप से तिब्बत (चीन का स्वायत्त क्षेत्र) की निवासी है और भारत में दिल्ली तथा सिक्किम में सक्रिय रही है.
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में भी उसे पकड़ा गया था, लेकिन ट्रांजिट रिमांड के दौरान अदालत से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गई थी. इसके बाद वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
ताजा घटनाक्रम में आरोपी ने नर्मदापुरम की प्रथम अपर सत्र न्यायालय में दूसरी जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया. न्यायालय ने स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, अभियोजन पक्ष की दलीलों और आरोपी के अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने को अत्यंत गंभीर मानते हुए यह फैसला सुनाया.
