रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में सोमवार को उस वक्त दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब जेल से रिहा होने के बाद पहली बार पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा विधानसभा पहुंचे। बजट सत्र के दौरान उनकी मौजूदगी ने सदन का माहौल अचानक गर्म कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अनुमति के बाद वे सदन में प्रवेश करते दिखाई दिए और अपनी सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बगल में बैठते नजर आए।
सदन में उनकी एंट्री के साथ ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई, लेकिन असली सियासी संदेश उस वक्त सामने आया जब लखमा ने सत्तापक्ष के नेताओं से गर्मजोशी से मुलाकात की। वे पहले मंत्री रामविचार नेताम से गले मिले और फिर वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर से आत्मीयता से हाथ मिलाया। इस दौरान कांग्रेस के कई विधायक यह दृश्य चुपचाप देखते रहे। सदन में कुछ पल के लिए राजनीतिक सीमाएं धुंधली होती नजर आईं।
जानकारी के मुताबिक, बजट सत्र 2026-27 में शामिल होने के लिए कवासी लखमा ने 6 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने उनकी उपस्थिति को लेकर अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष के विवेक पर छोड़ दिया था। इसके बाद 7 फरवरी को महाधिवक्ता से अभिमत लिया गया और शर्तों के साथ उन्हें सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दे दी गई।
जेल से रिहाई के बाद लखमा की यह पहली औपचारिक सियासी मौजूदगी थी, जिसने सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों में नई चर्चा छेड़ दी है। विधानसभा के बजट सत्र के बीच यह मुलाकातें आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति को किस दिशा में ले जाएंगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
