रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की प्रक्रिया आज अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। 15 नवंबर से शुरू हुई यह व्यवस्था करीब ढाई महीने तक चली, जिसमें प्रदेशभर के किसानों को अपना धान बेचने का पर्याप्त समय मिला। जिन किसानों ने पूर्व में टोकन प्राप्त कर लिया है, वे आज उपार्जन केंद्रों में पहुंचकर अपना धान विक्रय कर सकेंगे।
राज्य शासन का दावा है कि इस बार धान उपार्जन की पूरी प्रक्रिया सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी रही। किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। धान विक्रय के लिए टोकन ऑफलाइन माध्यम से जारी किए गए, बावजूद इसके उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू रहीं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि डिजिटल व्यवस्था के साथ-साथ उन किसानों के लिए भी प्रभावी विकल्प उपलब्ध कराए गए, जो ऑनलाइन प्रक्रिया से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
उपार्जन केंद्रों में किसानों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहीं। डिजिटल कांटे से सटीक तौल, व्यवस्थित प्रबंधन और भीड़-भाड़ से मुक्त माहौल ने किसानों का भरोसा बढ़ाया। किसान हीरालाल ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार धान बेचने की प्रक्रिया कहीं अधिक सहज और तनावमुक्त रही, जिससे उन्हें समय और मेहनत दोनों की बचत हुई। आज के साथ ही इस खरीफ सीजन का धान उपार्जन औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।
