रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के लिए आज का दिन पुलिस व्यवस्था के लिहाज से ऐतिहासिक बन गया है. शहर में पहली बार पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हो गया है और इसके साथ ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति न केवल प्रशासनिक बदलाव का संकेत है, बल्कि उस अधिकारी के लंबे और अनुशासित पुलिस करियर की स्वाभाविक परिणति भी मानी जा रही है, जिनकी कार्यशैली और व्यक्तित्व की तारीफ देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तक कर चुके हैं.
डॉ. संजीव शुक्ला वर्ष 2004 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं, लेकिन उनका पुलिस करियर इससे कहीं पहले शुरू हो चुका था. वर्ष 1990 में उनका चयन मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC के माध्यम से हुआ था. रायपुर के दुर्गा कॉलेज से स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाले डॉ. शुक्ला छात्र जीवन से ही सक्रिय और अनुशासित रहे. छात्र राजनीति से जुड़े रहने के साथ-साथ उन्हें बचपन से ही वर्दी और पुलिस सेवा के प्रति विशेष आकर्षण था, जो आगे चलकर उनकी पहचान बना.
अपने सेवाकाल में डॉ. संजीव शुक्ला ने दुर्ग जिले में लगभग सात वर्षों तक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया. इस दौरान उनकी छवि एक सख्त, अनुशासित और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने वाले अधिकारी की बनी. कानून-व्यवस्था को लेकर उनकी स्पष्ट सोच और फील्ड में मजबूत पकड़ के चलते वे हमेशा चर्चा में रहे. उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया गया, जो किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है.
डॉ. शुक्ला कांकेर जिले में उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी (रायपुर) में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूती दी. प्रशिक्षण, जांच और प्रशासन, तीनों ही क्षेत्रों में उनका अनुभव बहुआयामी और गहरा रहा है. दुर्ग और रायपुर जैसे संवेदनशील जिलों में वे पुलिस अधीक्षक (SP) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं, जहां उनके कार्यकाल को आज भी कानून-व्यवस्था की मजबूती के लिए याद किया जाता है.
इसके अलावा वे राज्य की CID के प्रमुख अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. उनके बेदाग सेवा रिकॉर्ड और उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से दो बार सम्मानित किया गया. पहली बार वर्ष 2010 में और दूसरी बार वर्ष 2022 में. यह अपने आप में उनकी निरंतर उत्कृष्टता और भरोसेमंद प्रशासनिक क्षमता का प्रमाण है.
गुरुवार देर रात जारी तबादला आदेश के साथ डॉ. संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त बनाया गया. नई व्यवस्था के तहत रायपुर शहरी क्षेत्र के 21 पुलिस थाने अब सीधे पुलिस आयुक्त प्रणाली के अंतर्गत काम करेंगे. राज्य के गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था 23 जनवरी से लागू होगी और अब रायपुर में पारंपरिक एसपी सिस्टम की जगह कमिश्नरी सिस्टम प्रभावी रहेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी. इसके तहत रायपुर जिले को रायपुर शहरी और रायपुर ग्रामीण, दो पुलिस जिलों में पुनर्गठित किया गया है. कमिश्नरी सिस्टम में रायपुर शहरी की पुलिसिंग की पूरी जिम्मेदारी पुलिस आयुक्त के पास होगी, जो आईजी रैंक का अधिकारी होगा. इस व्यवस्था के तहत सिविल लाइंस, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, अमानाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, मुजगहन, टिकरापारा, उरला, खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह सहित कुल 21 थाने शामिल किए गए हैं.
लंबा कद, सधी हुई वर्दी, सख्त लेकिन संतुलित निर्णय और फील्ड का गहरा अनुभव, डॉ. संजीव शुक्ला की यही पहचान अब रायपुर पुलिस कमिश्नरी सिस्टम की पहचान बनने जा रही है. राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से दिशा देने की जिम्मेदारी अब उन्हीं के कंधों पर है.
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