बिलासपुर. छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक वायरल वीडियो के जरिए तत्कालीन बिलासपुर ASP रहे राजेंद्र जायसवाल पर स्पा संचालक से अवैध रूप से पैसे मांगने के गंभीर आरोप सामने आए. मामले की जांच के बाद शासन ने कड़ा कदम उठाते हुए वर्तमान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पदस्थ ASP राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड कर दिया है.
बताया जा रहा है कि बिलासपुर में पदस्थापना के दौरान राजेंद्र जायसवाल पर एक स्पा संचालक से 30 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगा था. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में वे यह कहते हुए नजर आए कि यदि “काम नहीं हुआ” तो दोबारा रेड की जाएगी. वीडियो के सामने आते ही मामला तूल पकड़ गया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद गृह मंत्री विजय शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए थे. उनके आदेश पर बिलासपुर रेंज के आईजी को जांच सौंपी गई, जबकि बिलासपुर के एसएसपी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया. एसएसपी को वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप और शिकायत में दर्ज तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे.
जांच प्रक्रिया शुरू होते ही पुलिस विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता गया. आखिरकार, प्राथमिक स्तर पर आरोपों की गंभीरता को देखते हुए ASP राजेंद्र जायसवाल को निलंबित कर दिया गया.
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