-डीपीएम उत्कर्ष तिवारी पर सी.एम.एच.ओ. कार्यालय जांजगीर मे पदस्थ मुख्य लिपिक को प्रताड़ित करने के आरोप…
-जिला कार्यक्रम प्रबन्धक उत्कर्ष तिवारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने पर प्रदेश स्तर मे आंदोलन करने की चेतावनी दी…
जांजगीर चांपा। जिले के स्वास्थ विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबन्धक के खिलाफ छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोलते हुए संविदा नियुक्ति समाप्त करने की मांग की है, संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया कि संविदा नियुक्त कर्मचारी होने के बाद भी नियमित कर्मचारियों से दुर्व्यवहार, राजनीतिक पहुंच की धौंस दिखाने वाले डीपीएम ने मुख्य लिपिक पुरुषोत्तम साहू के साथ सीएमएचओ की उपस्थिति में दुर्व्यवहार किया। साथ ही स्वास्थ मंत्री का ओ.एस.डी. बनने वाला हूं कह कर देख लेने की धमकी दी।
रोहित तिवारी ने बताया कि पूर्व कार्यालयों में जहां जहां इनकी पदस्थापना रही है इसी तरह की शिकायतें ओर मामले है। जांजगीर जिले में कर्मचारियों को जातिगत गाली देना, महिला उत्पीड़न एवं खरीदी में छः करोड़ के भ्रष्टाचार का मामला लंबित है । इसके बाद भी इन पर कोई कड़ी कार्यवाही ना होना जांच पर संदेह व्यक्त करता है। संविदा नियुक्त कर्मचारी के वर्ष भर के कार्यों का मूल्यांकन के आधार पर सेवा अवधि आगे बढ़ाए जाने का नियम है। जिस संविदा कर्मचारी पर दुर्व्यवहार, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न जैसे मामले हो उनकी सेवा समाप्त करने का प्रावधान है। रोहित तिवारी ने शासन से मांग की है कि जिला कार्यक्रम प्रबन्धक के कार्यकाल में हुए सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो, और इनकी संविदा नियुक्ति समाप्त की जाए। मांग पूर्ण नहीं होने पर प्रदेश स्तरीय उग्र आंदोलन की चेतावनी संघ द्वारा दी गई।
लिपिक संघ जिलाध्यक्ष विशाल वैभव ने बताया कि उत्कर्ष तिवारी पर कार्यवाही की मांग के लिए जिले के लिपिक कर्मचारी आक्रोशित हो कर आज कलेक्टर महोदय के नाम से डिप्टी कलेक्टर संदीप ठाकुर जी को ज्ञापन सौंपा गया, ज्ञापन सौंपने के पश्चात मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे द्वारा संघ के प्रतिनिधियों को पुनः अपने चैंबर में बुलाकर इस मामले की संक्षिप्त जानकारी ली जिसमें प्रांताध्यक्ष रोहित तिवारी द्वारा संविदा कर्मचारी उत्कर्ष तिवारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को कलेक्टर के समक्ष रखा गया जिसमें कलेक्टर द्वारा उचित कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया गया। जिस पर प्रदेश लिपिक संघ के प्रांताध्यक्ष रोहित तिवारी ने स्पष्ट किया कि 15 दिवस के भीतर कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में लिपिक वर्ग द्वारा प्रदेश व्यापी आंदोलन की जाएगी।
मुख्य आरोप – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में संविदा जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत उत्कर्ष तिवारी द्वारा कार्यालयीन कर्मचारी एवं मुख्य लिपिक श्री पी एल साहू के साथ किए गए दुर्व्यवहार, अपमानजनक टिप्पणी, 06 माह पूर्व से लंबित शिकायत की जाँच, महिला मानसिक प्रताड़ना के शिकायत की जांच, बायोमेडिकल इंजीनियर के साथ जातिगत टिप्पणी करने साथ ही धमकी देने, सेवा समाप्त करने की धमकी देने एवं 6 करोड रुपए की सी.एस.आर. मद से किए गए मशीन एवं उपकरण की खरीदी में नियमों का पालन नहीं करने एवं अपने पूर्व पदस्थापना स्थान में भी विवादित रहने का आरोप है ।
लिपिक संघ के प्रदर्शन में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष रोहित तिवारी, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक विश्वनाथ सिंह परिहार, उप प्रांताध्यक्ष कौशलेश सिंह, लिपिक संघ जिलाध्यक्ष विशाल वैभव, जिला सचिव उज्ज्वल तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री संतोष तिवारी, जिला कोषाध्यक्ष उमेश साहू, जिला उपाध्यक्ष सतीश राठौर, चितेश साहू, नरेन्द्र सिंह, प्रवीण तिवारी, संयुक्त स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष मदनलाल साहू, जिलाध्यक्ष आलोक दुबे, सत्येंद्र उपाध्याय, मनोज सक्सेना, पारस कुमार, थानेस साहू, शैल बाला दुबे, बलदाऊ देवांगन, राजेंद्र राठौर, संतोष बर्मन, जयंत सिंह क्षत्रिय प्रांताध्यक्ष प्रधान पाठक संघ, पुष्पराज सिंह फेडरेशन संयोजक अकलतरा, मनोज यादव फेडरेशन संयोजक पामगढ़, वाहन चालक संघ के जिलाध्यक्ष जगन्नाथ श्रीवास, आर के उपाध्याय, रमेश यूके, जे.आर. जायसवाल, आर. पी. गड़ेवाल, उमेश साहू एवं भारी संख्या में लिपिक व अन्य शासकीय कर्मचारी उपस्थित रहें।
