कोरबा। सरकारी दफ्तरों के चक्कर, बार-बार के आश्वासन और महीनों की प्रतीक्षा के बाद भी जब धान बेचने का टोकन नहीं मिला, तो एक किसान ने हताशा में खौफनाक कदम उठा लिया। कोरबा जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरबी गांव में धान बिक्री के लिए टोकन न मिलने से टूट चुके किसान ने कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ते ही परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा है।
परिजनों ने बताया कि किसान पिछले करीब डेढ़ महीने से धान बेचने के लिए टोकन हासिल करने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान वह कई बार पटवारी से लेकर तहसील कार्यालय तक गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। न तो टोकन जारी हुआ और न ही उसकी समस्या का कोई ठोस समाधान निकला। लगातार अनदेखी और बढ़ते मानसिक दबाव ने किसान को इस हद तक तोड़ दिया कि उसने आत्महत्या की कोशिश कर ली।
घटना की सूचना मिलते ही कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत अस्पताल पहुंचीं और पीड़ित किसान से मुलाकात कर उसकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों को समय पर सुविधाएं न मिलना बेहद गंभीर मामला है। सांसद ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र की लापरवाही और उदासीनता के कारण किसान मानसिक तनाव में आकर ऐसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
