Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और शुभ पर्व माना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है.
इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है. खास बात यह है कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर भगवान शिव को प्रिय वस्तुएं अर्पित करने और शुद्ध-सात्विक भोग लगाने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है.
अगर आप भी महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को भोग लगाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां देखिए पूरी लिस्ट, जिससे आपकी पूजा संपूर्ण और शुभ बन सकती है.
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को भोग लगाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है सात्विक, शुद्ध और दूध से बनी वस्तुएं. शिवजी को विशेष रूप से दूध, मिठाई और फल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है.
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को यह भोग जरूर लगाएं-
– खीर (चावल या मखाना से बनी)
– पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर)
– ठंडाई
– सफेद मिठाई (खोया, मावा की बर्फी)
– मालपुआ
– फल (सेब, केला, शकरकंद व मौसमी फल)
– बेर
भक्तों की मान्यता है कि शिवलिंग पर इन चीजों का भोग लगाने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.
महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले श्रद्धालु इस दिन शुद्ध आहार का सेवन करते हैं. व्रत में आप इन चीजों का सेवन कर सकते हैं-
– मौसमी फल, केला, सेब, पपीता, अनार
– दूध, दही, छाछ
– साबूदाना खिचड़ी
– कुट्टू के आटे की रोटी या पकौड़ी
– सिंघाड़े के आटे की पूड़ी/पराठा
– मूंगफली, मखाना, काजू-बादाम
– सेंधा नमक
– नारियल पानी
– नींबू पानी
महाशिवरात्रि पर भक्त दिनभर उपवास रखकर रात में शिवजी की आराधना करते हैं और रात्रि जागरण का विशेष महत्व माना जाता है.
महाशिवरात्रि 2026 की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार है-
– चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026, शाम 05:04 बजे
– चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2026, शाम 05:34 बजे
– निशिता काल पूजा समय: 16 फरवरी, रात 12:28 बजे से 01:17 बजे तक
– शिवरात्रि पारण समय: 16 फरवरी, सुबह 07:06 बजे से दोपहर 03:46 बजे तक
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. भक्त पूरी रात चार प्रहर में भगवान शिव का अभिषेक और पूजन करते हैं.
महाशिवरात्रि 2026 के चार प्रहर पूजा समय-
– प्रथम प्रहर पूजा समय: शाम 06:39 बजे से 09:45 बजे तक
– द्वितीय प्रहर पूजा समय: रात 09:45 बजे से 12:52 बजे तक (16 फरवरी)
– तृतीय प्रहर पूजा समय: रात 12:52 बजे से 03:59 बजे तक (16 फरवरी)
– चतुर्थ प्रहर पूजा समय: सुबह 03:59 बजे से 07:06 बजे तक (16 फरवरी)
महाशिवरात्रि का पर्व केवल एक पूजा नहीं बल्कि आस्था, साधना और आत्मशुद्धि का पर्व है. इस दिन भगवान शिव को भोग लगाकर, शिवलिंग का अभिषेक कर और रात्रि जागरण कर भक्त अपने जीवन की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. फटाफट न्यूज डॉट कॉम किसी भी जानकारी की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है.)
