धार. मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध भोजशाला परिसर में आज बसंत पंचमी के अवसर पर एक ऐतिहासिक और संवेदनशील दृश्य देखने को मिलेगा, जहां पूजा और नमाज दोनों एक ही दिन, एक ही परिसर में संपन्न होंगी. लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के संतुलित आदेश के बाद आज हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों को अपनी-अपनी धार्मिक आस्थाओं के पालन की अनुमति दी गई है. इसके मद्देनज़र जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए धार जिले में करीब 8 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.
बसंत पंचमी को लेकर हिंदू समाज ने भोजशाला में पूरे दिन मां सरस्वती की अखंड पूजा और हवन की मांग की थी, वहीं मुस्लिम समाज जुमे की नमाज अदा करने पर अडिग था. दोनों पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीच का रास्ता निकालते हुए स्पष्ट निर्देश दिए. आदेश के अनुसार, हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा और हवन की अनुमति दी गई है, जबकि मुस्लिम पक्ष दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच सीमित संख्या में नमाज अदा करेगा. प्रशासन द्वारा दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग तय किए गए हैं, वहीं मुस्लिम समाज को नमाज के लिए पास सिस्टम के तहत प्रवेश दिया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
कोर्ट के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और राज्य सरकार ने आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है. कलेक्ट्रेट में दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ शांति और सौहार्द बनाए रखने को लेकर बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जिला कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. हिंदू समाज ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि उनका अखंड पूजा का संकल्प पूरा होगा, वहीं मुस्लिम समाज ने भी प्रशासन का सहयोग करने और शांति बनाए रखने का भरोसा दिलाया है.
संवेदनशीलता को देखते हुए भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों को कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा गया है. पुलिस और CRPF के जवानों के साथ अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है, लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है और CCTV कैमरों व ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है. भोजशाला में प्रवेश के दौरान कई वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, खासकर बोतल या केन में पेट्रोल-डीजल ले जाने पर सख्त रोक रहेगी. किसी भी आयोजन या गतिविधि के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी गई है. पुलिस आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर भी कड़ी नजर बनाए हुए है.
गौरतलब है कि करीब 10 वर्षों बाद बसंत पंचमी और जुमे का संयोग एक साथ पड़ा है. इतिहास गवाह है कि जब-जब यह संयोग बना, तब-तब धार में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई. वर्ष 2006, 2013 और 2016 में ऐसे मौके आए, जिनमें 2013 और 2016 में आगजनी, पथराव और कर्फ्यू जैसी गंभीर घटनाएं सामने आई थीं. इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन कोई भी चूक नहीं करना चाहता और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है.
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