Sonu Sood के ठिकानों पर आईटी की रेड पड़ी, तो लोग कंगना रनौत को क्यों याद करने लगे?

मनोरंजन डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद गरीबों और जरूरतमंदों के मसीहा बन चुके हैं। कोरोना काल के समय प्रवासी मजदूरों की मदद कर चर्चा में आए सोनू सूद अब हर जरूरतमंद की मदद करते नजर आते हैं। वे लगातार कोविड-19 के चलते लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इस काम के लिए पूरे देश मे इनकी प्रशंसा हो रही है।

हालांकि सोनू सूद के काम को देखकर कई लोगों ने इस बात को लेकर सरकार पर निशाना भी साधा कि जो काम गवर्मेंट को करना चाहिए वो काम सोनू सूद कर रहे हैं। सिर्फ सरकार ही नहीं बाकी प्रसिद्ध और रईस अभिनेताओं को भी फैंस ने टारगेट किया कि वे लोगों की मदद के लिए आगे क्यों नहीं आ रहे हैं। खैर, राजनीति में ये बातें होती रहती हैं और सोनू सूद इस तरह की बातों से कोई ताल्लुक नहीं रखते। वे सेवाभाव से लोगों की मदद कर रहे हैं।

बता दें कि कुछ दिनों पहले सोनू सूद ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे हमेशा ट्विटर पर एक्टिव रहते हैं ताकि अगर कोई उनसे मदद के लिए कहता है तो वे अपनी टीम को बोलकर उनकी मदद करते हैं। उनकी इच्छा रहती है कि हर जरूरतमंद को जल्द से जल्द मदद मिले।

वैसे तो सोनू सूद अपने कामों के लिए आए दिन चर्चा में बने रहते हैं लेकिन फिलहाल वे इनकम टैक्स की छापेमारी की वजह से भी इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। दरअसल, असल जिंदगी में एक हीरो बनकर उभरे सोनू सूद के मुंबई और लखनऊ स्थित ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोनू सूद से जुड़ी छह जगहों पर छापा मारा।

जिसकी खबर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। सोनू सूद के फैंस उनके समर्थन में उतर आएं हैं। उनका कहना है कि आज के जमाने में लोगों की मदद करने का सोनू सूद को इनाम मिला है। दूसरी तरफ लोग इसमें कंगना रनौत को घसीटने लगे हैं।

असल में सोनू सूद के समर्थन में उतरे पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में लिखा है कि, ‘अगर शोहरत मिले तो सोनू सूद बनना, कंगना नहीं। आज फिर से कहता हूं।’ पूर्व आईएएस ने अपने इस ट्वीट में #IndiaWithSonuSood का हैशटैग लगाया है।

पता नहीं क्यों जब बात सोनू सूद की होती है तो लोग कंगना रनौत को क्यों घसीटने लगते हैं। इसके पहले भी सोशल मीडिया पर एक बार यह बात हो चुकी है कि कंगना, सोनू सूद से जलती हैं। दरअसल, कंगना ने उस वक्त एक यूजर का ट्वीट लाइक कर दिया था जो सोनू सूद के खिलाफ था।

उस ट्वीट में लिखा गया था कि ‘तुम उन लोगों के साथ धोखा कर रहे हो, जिनके अपने मर रहे हैं। 10 लीटर के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत 1 लाख नहीं होती है और तुम पांच लीटर के लिए दो लाख कीमत ले रहे हो। ऐसे फ्रॉड करके तुम रात में सो कैसे पाते हो?’ हालांकि सोनू सूद पहले ही लोगों को आगाह कर दिया था कि वे लोगों की मदद के लिए वे पैसे नहीं लेते। इसलिए उनके नाम पर किए जाने वाले फ्रॉड से बचें।

इस ट्वीट को लाइक करने पर कंगना को लोगों ने बुरी तरह ट्रोल किया था। वहीं एक बार फिर कंगना का नाम सोनू सूद के साथ मुफ्त में लिया जा रहा है। जैसे सब्जी के साथ धनिया मिर्ची फ्री मिलती है जैसे पानी पुरी के साथ सुखी पापड़ा ठीक वैसे ही सोनू सूद के साथ कंगना को टारगेट करना एकदम मुफ्त।

फिलहाल थलाइवी में दमदार अभिनय से वाहवाही बटोरी रही कंगना इस समय सीता का रोल मिलने की खुशी मना रही हैं। इसी बीच सोनू सूद के यहां आईटी सेल का छापा पड़ा और फंस गई कंगना रनौत। इनका पंगा है कि खत्म ही नहीं होता, ये कुछ ना करें तो भी इनका नाम आता ही है।

लोगों का कहना है कि कंगना रनौत को केंद्र सरकार की तरफ से वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मुहैया क्यों करवाई गई है, इन्होंने देश के लिए ऐसा क्या कर दिया है, कितने लोगों की ममद की है? सोनू सूद को परेशान क्यों किया जा रहा है, जबकि वे नेक काम कर रहे हैं।

एक यूजर का कहना है कि सोनू सूद के घर इनकम टैक्स का छापा इसलिए पड़ा क्योंकि उन्होंने हतास हो चुके प्रवासी मजदूरों की मदद की थी। एक बड़ तबका #IndiaWithSonuSood का हैशटैग चला रहा है। सोनू सूद एक आम इंसान के मसीहा बन चुके हैं और हमें पता है कि मसीहा कभी गलत नहीं होता।

वहीं ट्राइबल आर्मी के फाउंडर हंसराज मीणा ने भी सोनू सूद के यहां इनकम टैक्स के छापे की आलोचना करते हए ट्वीट में लिखा है कि, ‘इनकम टैक्स वाले अक्षय कुमार, अमिताभ बच्चन के घर कब पहुचेंगे?’ दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी से जुड़ीं प्रीति शर्मा मेनन ने भी ट्वीट में लिखा है कि, ‘सोनू सूद को गरीबों की सेवा का इनाम मिला है।’

वहीं दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा है कि सच्चाई के रास्ते पर लाखों मुश्किलें आती हैं, लेकिन जीत हमेशा सच्चाई की ही होती है।@SonuSood जी के साथ भारत के उन लाखों परिवारों की दुआएं हैं जिन्हें मुश्किल घड़ी में सोनू जी का साथ मिला था।

लोगों का कहना है कि सोनू सूद का नाम उनके काम की वजह से हुआ है फिर इससे किसी को क्या परेशानी है? यह सिर्फ उन्हें डराने की कोशिश है। वहीं दूसरी तरफ लोगों ने कंगना को टारगेट करना शुरु कर दिया है। लोगों का कहना है कि कुछ काम करके नाम कमाने में और कंगना की तरह शोहरत हांसिल करने में जमीन-आसमान का फर्क है।

जबकि सोनू सूद के घर का छापा कंगना रनौत की वजह से नहीं पड़ा है। असल में ‘‘उनकी कंपनी और लखनऊ की एक रीयल एस्टेट फर्म के बीच हालिया सौदा जांच के दायरे में है। इसी सौदे पर इनकम टैक्स की चोरी के आरोपों की वजह से यह छापा मारा जा रहा है।” तो लोग चाहें कंगना को कितना भी कोस लें इशारा तो दूसरी तरफ है। मसीहा गलत नहीं है तो फिर गलती किसकी है, इस जवाब का इंतजार हम सभी को है।

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