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सतना: जिले के इलाके परसमनिया पठार में दूूषित पानी पिने से अबतक 4 लोगों की मौत होचुकी है,, मामला नागौद परसमनिया पठार के पुरैना पंचायत का है,, जहाँ दुषित पानी पीने से डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है,, उल्टी दस्त से यहाँ अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है,, और आधा सैकड़ा ग्रामीण बीमार है,, यही नहीं दर्जन भर लोगों की हालत गंभीर बानी हुयी है,, बताया जा रहा है की यदि समय पर इन्हे उचित इलाज नहीं मिला तो मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है,, लगातार हो रही मौत से गाँव मे दहसत पसरी हुयी है,, दरसल यह गांव आदिवासी बाहुल्य गांव है,, यहाँ पहोंच मार्ग भी सुगम नहीं,, लिहाजा मरीजों को बमुश्किल कंधे में लाद कर अस्पताल तक ले जाया जाता है,, गांव का रास्ता इतना दुर्गम है की ट्रेक्टर के अलावा पहुंचने का कोई विकल्प नहीं,, यही वजय है की समय पर ग्रामीणों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा और लगातार मौतें हो रही !
कैसे है गांव के हालात
पुरैना पंचायत का देवरी और चौतरिहा गाँव में सैकड़ों की संख्या में आदिवासी आवादी है,, यह छेत्र एक पहाड़ी छेत्र है और विकास से अछूता है,, सड़क पानी स्वस्थ सुविधा की हालत लचर है,, बमुश्किल पहाड़ी रास्ते से 10 से 12 किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता है,, गाँव वाले गंभीर मरीज को कंधे में कई किलोमीटर लादकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परसमनिया तक पहुंच पाते है,, गाँव जाने के लिए पहाड़ी नालों में पुल न होने की वजह से जरूरत पड़ने पर भी एम्बुलेंस गाँव तक नही पहुंच पाती,, गाँव वालों का कहना है गाँव मे पिछले एक माह से बीमारी फैली है जो अब विकराल रूप धर चुकी है,, डायरिया के चलते गांव के बारीलाल, बीना बाई, गोरेलाल, और लल्ला बाई की मौत हो चुकी है,, लेकिन पिछले तीन दिनों में हालत बेकाबू होने पर बामुश्किल गाँव मे सरकारी अमला तो पहुंचा है लेकिन हालत अभी सुधरे नहीं !
क्या कर रहा स्वास्थ विभाग
डायरिया से हुई 4-4 मौतों के बाद प्रशानिक अमला अब सक्रिय हुआ है स्वस्थ विभाग का एक दल गांव पहुँच कर लोगों की बीमारी का जायजा लिया है, और दवाएं बाटी गयी है,, साथ ही एक दल गाँव मे पानी की जांच करने पहुंचा है,, मामले पर अगर समय समय से सरकारी अमला अपनी जिम्मेदारी निभाता तो पिछड़े इलाके में रहने वाले ग्रामीणो को आकाल मौत न मरना पड़ता,, प्रदेश सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को घर घर तक पहुंचाने का दावा करती नजर आती है पर समाज के अंतिम छोर में खड़े इंसान को इन स्वास्थ सुविधाओं कितना लाभ मिल पा रहा है अगर इसे किसी को देखना हो तो परसमनिया पठार में आकर देखना चाहिए क्योंकि सरकारी दावे और जमीनी हकीकत में अभी बहुत बड़ी खाई है