नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की राजनीति उस वक्त उबल पड़ी, जब कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का महिलाओं और बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को लेकर दिया गया बयान सामने आया. एक वायरल वीडियो में विधायक ने ऐसा तर्क रखा, जिसे लेकर न सिर्फ विपक्ष बल्कि आम जनता और सामाजिक संगठनों में भी तीखी नाराजगी देखी जा रही है. बयान को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ और बलात्कार को तुच्छ बताने वाला बताया जा रहा है.
कथित वीडियो में कांग्रेस विधायक यह कहते नजर आते हैं कि कोई भी पुरुष अगर सड़क पर चलता हुआ किसी “बेहद खूबसूरत लड़की” को देख ले, तो उसका मन भटक सकता है और फिर बलात्कार हो सकता है. इस कथन के बाद विवाद और गहराता है, जब वे बलात्कार को जातिगत और धार्मिक व्याख्याओं से जोड़ते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समुदाय की महिलाओं को निशाना बनाए जाने की बात कहते हैं. विधायक का दावा है कि इन समुदायों की महिलाओं को प्राचीन ग्रंथों में निहित कथित “विकृत विश्वास प्रणाली” के कारण अपराधों का सामना करना पड़ता है.
बरैया यहीं नहीं रुके। वीडियो में वे यह भी कहते हैं कि आदिवासी, अनुसूचित जाति और ओबीसी समुदाय की महिलाएं “बेहद खूबसूरत” होती हैं, इसी वजह से उनके साथ बलात्कार अधिक होता है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि धार्मिक ग्रंथों में ऐसे निर्देश हैं, जिनकी वजह से कुछ लोग इस तरह के अपराध को पुण्य से जोड़कर देखते हैं. इस बयान को महिला विरोधी सोच और अपराध को ठहराने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
विवाद तब और भड़क गया जब विधायक ने कथित तौर पर यह कहा कि कुछ जातियों की महिलाओं के साथ यौन संबंध बनाने को तीर्थयात्रा के समान पुण्य बताया गया है. उनके शब्दों में, जो लोग तीर्थस्थलों पर नहीं जा सकते, वे घर पर रहकर “पुण्य” कमाने के लिए महिलाओं को पकड़कर उनके साथ यौन संबंध बनाते हैं. इस बयान को सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने वाला और बेहद घिनौना करार दिया जा रहा है.
मीडिया द्वारा सवाल उठाए जाने पर विधायक ने अपने बयान से पीछे हटने के बजाय अजीब तर्क पेश किया. उन्होंने दावा किया कि उनके कथन को संदर्भ से अलग कर दिखाया गया है और ये टिप्पणियां उनके व्यक्तिगत अध्ययन और अवलोकन पर आधारित हैं. बरैया ने रुद्रयामल तंत्र नामक पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि कुछ अपराधी यह मानते हैं कि विशेष जातियों की महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा से आध्यात्मिक पुण्य मिलता है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान में महिलाओं के खिलाफ कुछ भी अभद्र नहीं है और वे खुद महिलाओं के पक्ष में खड़े हैं.
इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने विधायक के बयान को कांग्रेस की “दूषित और विकृत मानसिकता” का प्रतीक बताया. उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के विचार कांग्रेस के भीतर सामान्य स्वीकृति का हिस्सा बन चुके हैं. सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि महिलाओं और अनुसूचित जाति-जनजाति समुदायों के प्रति अपमानजनक सोच सिर्फ एक विधायक की नहीं, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व की सोच को दर्शाती है.
कांग्रेस विधायक के इस बयान ने न सिर्फ राजनीतिक घमासान खड़ा कर दिया है, बल्कि एक बार फिर यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक जीवन में बैठे जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता आखिर कहां खो जाती है.
