नई दिल्ली. अप्रैल की शुरुआत इस बार गर्मी नहीं, बल्कि ठंडक और बारिश के साथ हो रही है. देश में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभों के असर से मौसम ने करवट ले ली है और आने वाले दिनों में कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने वाला है.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी भारत में पूरे सप्ताह बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि मध्य भारत में 6 अप्रैल तक तेज बारिश और बिजली चमकने की संभावना है. 2 अप्रैल तक कई इलाकों में ओले गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है.
1 अप्रैल को पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं (30 से 50 किमी प्रति घंटा) चल सकती हैं. वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है. इसके अलावा विदर्भ, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी मौसम खराब रहने की संभावना है, जहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि के आसार हैं.
2 और 3 अप्रैल को गुजरात और महाराष्ट्र में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। महाराष्ट्र में बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है.
पहाड़ी राज्यों में मौसम और ज्यादा सख्त रहने वाला है. 3 और 4 अप्रैल को उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है.
मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 और 4 अप्रैल को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. वहीं दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ मौसम सुहावना बना रहेगा.
मंगलवार को कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली. मौसम विभाग का कहना है कि सप्ताहांत में एक और बारिश का दौर आ सकता है, जिससे अप्रैल के पहले सप्ताह में गर्मी का असर कम ही महसूस होगा.
