नई दिल्ली। वैश्विक तनाव के बीच देश की तैयारियों को मजबूत करने के लिए नरेन्द्र मोदी आज एक अहम पहल करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से पश्चिम एशिया में जारी संकट के प्रभाव और उससे निपटने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यह बैठक खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद मुख्यमंत्रियों के साथ यह पहली सीधी बातचीत होगी।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में पांच चुनावी राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी को शामिल नहीं किया गया है। इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से कैबिनेट सचिवालय स्तर पर चर्चा की जाएगी, ताकि प्रशासनिक तैयारियों में कोई कमी न रहे।
बैठक का मुख्य फोकस राज्यों की तैयारियों का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना है कि संभावित युद्ध के असर से आम लोगों को कैसे सुरक्षित रखा जाए। खास तौर पर तेल और गैस की आपूर्ति, महंगाई नियंत्रण और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर रहेगा।
सरकार ‘टीम इंडिया’ के सिद्धांत के तहत समन्वित प्रयासों को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि पश्चिम एशिया संकट कितने समय तक चलेगा, इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में केंद्र सरकार हर संभव कदम उठा रही है ताकि देश पर इसका असर न्यूनतम रहे और राज्यों के साथ मिलकर एक मजबूत रणनीति तैयार की जा सके।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री लगातार सक्रिय हैं। वे संसद के दोनों सदनों में जानकारी देने के साथ-साथ सर्वदलीय बैठक के जरिए विपक्ष को भी भरोसे में ले चुके हैं। अब मुख्यमंत्रियों के साथ यह बैठक देशभर में एकजुट रणनीति बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
