चेन्नई। चेन्नई की प्रतिष्ठित अन्ना यूनिवर्सिटी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे शैक्षणिक माहौल को हिला कर रख दिया है। एक छात्रा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और पीछा करने के गंभीर आरोपों के बाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ए. ज्ञानवेल बाबू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और बाद में प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
छात्रा ने चेन्नई पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दर्ज शिकायत में बताया कि यह घटनाक्रम उसके दूसरे वर्ष से शुरू हुआ, जब प्रोफेसर ने उसकी आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलने के बाद इंटर्नशिप दिलाने का झांसा देकर उससे संपर्क बढ़ाना शुरू किया। आरोप है कि प्रोफेसर देर रात 10 बजे के बाद उसे लगातार फोन करता था और बातचीत के दौरान उसकी निजी जिंदगी से जुड़े बेहद संवेदनशील विषयों पर अनुचित और आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था।
शिकायत के मुताबिक, प्रोफेसर छात्रा से इनरवियर, पीरियड्स और शादी जैसे निजी मुद्दों पर भी भद्दे सवाल पूछता था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने प्रोफेसर को ब्लॉक करने की कोशिश की, तब भी उसने हार नहीं मानी और उसके दोस्तों के जरिए संपर्क साधने का प्रयास जारी रखा।
पीड़िता ने बाद में कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति और यौन उत्पीड़न रोकथाम तंत्र के तहत शिकायत दर्ज कराई और निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही उसने यह भी अपील की है कि अन्य पीड़ित छात्राएं भी सामने आएं, ताकि इस तरह के मामलों का सच उजागर हो सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चेन्नई पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी प्रोफेसर को तिरुनेलवेली से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम 1998 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 के तहत पीछा करने का मामला दर्ज किया गया है।
इधर, गिरफ्तारी और एफआईआर के बाद अन्ना यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है। इस घटना के बाद कैंपस में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि पहले भी शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वहीं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। जबकि TVK पार्टी ने राज्य सरकार से शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
