कोलकाता। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक अस्पताल में कार्यरत दो नर्स, एक महिला और एक पुरुष में निपाह वायरस संक्रमण के शुरुआती संकेत मिले हैं। दोनों को तत्काल आइसोलेशन में रखते हुए अस्पताल के विशेष वार्ड में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों नर्स एक ही अस्पताल में कार्यरत हैं और उनके नमूने जांच के लिए कल्याणी एम्स भेजे गए थे। प्रारंभिक रिपोर्ट में निपाह वायरस की पुष्टि के संकेत मिले हैं, जिसके बाद पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। महिला नर्स नदिया जिले की रहने वाली है, जबकि पुरुष नर्स पूर्व बर्धमान जिले के कटवा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। दोनों को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, महिला नर्स हाल ही में अपने गृहनगर कटवा गई थी, जहां उसकी तबीयत बिगड़ गई। 31 दिसंबर को उसे पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर बर्दवान मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां से विशेष एम्बुलेंस के जरिए उसे बारासात अस्पताल लाया गया। इसी दौरान पुरुष नर्स में भी समान लक्षण सामने आए, जिसके बाद उसे भी एहतियातन भर्ती कर आइसोलेट कर दिया गया।
निपाह वायरस के मामलों की सूचना मिलते ही केंद्र और राज्य सरकार हरकत में आ गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस गंभीर स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत की और हरसंभव केंद्रीय सहयोग का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार ने भी त्वरित कदम उठाते हुए आम लोगों की सुविधा के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। निपाह वायरस से जुड़े किसी भी लक्षण या जानकारी के लिए 033-23330180 और 9874708858 पर संपर्क किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए अलग-अलग स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता संक्रमितों के बेहतर इलाज के साथ-साथ संभावित संपर्कों की पहचान और निगरानी पर केंद्रित है। राज्य में निपाह को लेकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
