राज्यपाल ने इस्तीफा देने की जताई इच्छा, जानिए इसके पीछे क्या है कारण



मुंबई. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने यह कहते हुए इस्तीफे की पेशकश की है कि वह सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते हैं। कोश्यारी शिवाजी को गुजरे जमाने का प्रतीक कहने को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले महीने कोश्यारी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस विवाद पर उनका मार्गदर्शन मांगा था। उन्होंने गृह मंत्री से सलाह मांगी थी कि उन्हें पद पर बने रहना चाहिए या नहीं । कोश्यारी ने यह पत्र छह दिसंबर को लिखा था, जो कुछ दिनों बाद सामने आया था।

कोश्यारी ने ट्वीट में पद छोड़ने की बात कही है। उन्होंने लिखा- हाल ही में मैं मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला। मैंने उनसे कहा कि मैं सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहता हूं। मैंने उनसे कहा कि मैं अपना बचा हुआ जीवन लिखने-पढ़ने और अन्य गतिविधियों में बिताना चाहता हूं। मुझे प्रधानमंत्री से हमेशा प्यार और स्नेह मिला है।

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 19 नवंबर को औरंगाबाद में एक विश्वविद्यालय के समारोह में शिवाजी को अतीत का प्रतीक बताया था। इस कार्यक्रम में कोश्यारी के साथ केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नितिन गडकरी और राकांपा प्रमुख शरद पवार भी मौजूद थे। उन्होंने सभा में बाबासाहेब अंबेडकर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को नए युग का प्रतीक बताया था।

इस बयान के बाद विपक्ष के नेताओं ने उन पर हमला बोला और उनके इस्तीफे की मांग करने लगे। महाराष्ट्र में भाजपा के समर्थन से सरकार बनाने वाले शिंदे गुट ने भी कोश्यारी के बयान का विरोध किया था। शिवसेना सांसद संजय राउत ने विवादित बयान के बाद भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में राज्यपाल की गरिमा खत्म हो गई है. हम उन्हें राज्यपाल के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने महाराष्ट्र का मजाक उड़ाया है।