नई दिल्ली। देश में एक बार फिर लॉकडाउन लागू होने की अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देशभर में किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है और आम जनता की गतिविधियों या आर्थिक कामकाज पर किसी प्रकार की पाबंदी लागू नहीं की जा रही है।
दरअसल, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिए गए एक बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या देश में फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों और संकटों का जिक्र करते हुए कहा था कि देश को कोरोना काल की तरह हर चुनौती के लिए तैयार रहना होगा। हालांकि उन्होंने अपने पूरे भाषण में कहीं भी “लॉकडाउन” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने बुधवार को इन सभी अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि देश में सामान्य स्थिति बनी हुई है और किसी तरह की पाबंदी लगाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है कि साल 2020 में 24 मार्च को कोरोना महामारी के दौरान अचानक लॉकडाउन की घोषणा की गई थी, जिसके कारण इस बार लोगों में आशंका बढ़ गई थी।
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान वैश्विक तनाव, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा था कि इन परिस्थितियों का असर लंबे समय तक रह सकता है। उन्होंने देशवासियों से धैर्य, संयम और एकजुटता बनाए रखने की अपील की थी और कहा था कि जैसे कोरोना काल में देश ने मिलकर चुनौतियों का सामना किया, वैसे ही आगे भी तैयार रहना होगा।
इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को चुनावी राज्यों को छोड़कर अन्य सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर देश की तैयारियों और रणनीतियों की समीक्षा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी से अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हालांकि लॉकडाउन की बात को सरकार ने खारिज कर दिया है, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कुछ संभावित कदमों पर विचार किया जा सकता है। इनमें स्कूलों में छुट्टियां या ऑनलाइन कक्षाओं को बढ़ावा देना, वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित करना, ईंधन की बचत के लिए वाहनों के उपयोग पर नियंत्रण, एलपीजी और पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई नीति, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए राहत पैकेज और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए डिजिटल निगरानी जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल सरकार का स्पष्ट रुख है कि देश में लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए सतर्कता और तैयारी बनाए रखना जरूरी है।
