रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। बीते कुछ दिनों से राज्य के सियासी गलियारों में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात ने इस सियासी हलचल को और हवा दे दी है।
टीएस सिंहदेव ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात और उन्हें मिली नई जिम्मेदारी का जिक्र किया है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
टी एस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा –
“आज, दिल्ली प्रवास के दौरान श्री Rahul Gandhi जी से मुलाकात का अवसर प्राप्त हुआ।
मुलाकात के दौरान तमिलनाडु-पुडुचेरी की स्क्रीनिंग कमिटी की अध्यक्षता के लिए मेरा नाम प्रस्तावित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। साथ ही इस महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी के निर्वहन के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया।”
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की जगह अब नया अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। संभावित नामों में टीएस सिंहदेव सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खेमे से उमेश पटेल का नाम सामने आ रहा है।
इस सियासी हलचल की शुरुआत 26 दिसंबर 2025 को दिल्ली में हुई कांग्रेस कमेटी की बैठक के बाद मानी जा रही है। बैठक के बाद से ही संगठन में बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
बताया जा रहा है कि उमेश पटेल हाल ही में दिल्ली दौरे पर भी गए थे। वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है, जिससे उनके नाम की चर्चा और मजबूत हो गई है।
वरिष्ठ पत्रकार आदेश रावल ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर X पर पोस्ट किया है, जो राजनीतिक हलकों में खूब चर्चा में है।
वरिष्ठ पत्रकार आदेश रावल का X ट्वीट
“कांग्रेस नेतृत्व कई राज्यों के अध्यक्ष बदलने की तैयारी में है।छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष दीपक बैज को भी बदला जाएगा।पूर्व मुख्यमंत्री के उम्मीदवार उमेश पटेल हैं तो वही दूसरे खेमें की तरफ़ से टी एस बाबा चाहते हैं कि उन्हें राज्य की कमान मिले।हाल ही में उमेश पटेल दिल्ली भी आए थे।”
कुल मिलाकर, टीएस सिंहदेव की राहुल गांधी से मुलाकात और दिल्ली में हुई गतिविधियों के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं और प्रबल होती नजर आ रही हैं। अब सबकी निगाहें कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर टिकी हैं।
