नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने खेती को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ‘Bharat VISTAAR’ नामक एक नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का जिक्र करते हुए साफ किया कि अब किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति डिजिटल और डेटा आधारित होगी। इस एआई टूल के जरिए खेती को ज्यादा वैज्ञानिक, सुरक्षित और लाभकारी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि किसान बेहतर फैसले लेकर अपनी आमदनी दोगुनी कर सकें।
‘भारत विस्तार’ दरअसल एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए तैयार किया जा रहा एक पब्लिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होगा। यह मल्टीलिंगुअल प्लेटफॉर्म किसानों को उनकी अपनी भाषा में फसल, मौसम, मिट्टी, बीज, खाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारी उपलब्ध कराएगा। सरकार का मानना है कि सही समय पर सही जानकारी मिलने से किसान जोखिम कम कर पाएंगे और उत्पादन बढ़ा सकेंगे।
इस एआई सिस्टम के जरिए किसानों को सिर्फ सलाह ही नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का पूरा खाका भी एक ही जगह मिलेगा। कौन-सी योजना किस किसान के लिए है, आवेदन कैसे करना है और किस तरह का लाभ मिलेगा। इन सभी सवालों के जवाब ‘भारत विस्तार’ एआई के जरिए आसानी से मिल सकेंगे। यह टूल खेती से जुड़े फैसलों को डेटा आधारित बनाएगा, जिससे नुकसान की आशंका कम होगी और उत्पादकता में इजाफा होगा।
बजट में यह भी बताया गया कि ‘भारत विस्तार’ के तहत यूनिफाइड सिस्टम और टेस्टिंग से जुड़ी जानकारी किसानों तक पहुंचेगी। सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर टेस्टिंग शुरू करेगी, जिससे किसान भविष्य में बोई जाने वाली फसलों को लेकर पहले से निर्णय ले सकें। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से फसल चयन, उत्पादन और तकनीक को लेकर वैज्ञानिक सिफारिशें दी जाएंगी, ताकि खेती ज्यादा टिकाऊ और लाभकारी बन सके।
किसानों की मदद के लिए सरकार ने ‘कृषि साथी’ एआई चैटबॉट का भी जिक्र किया है, जो वॉइस चैटिंग के जरिए किसानों के सवालों का जवाब देगा। किसान अपनी समस्या बोलकर पूछ सकेंगे और जरूरत पड़ने पर वीडियो सॉल्यूशन के जरिए भी मार्गदर्शन मिलेगा। इससे डिजिटल तकनीक उन किसानों तक भी पहुंचेगी, जो पढ़ने-लिखने में सहज नहीं हैं।
बजट भाषण में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए महिलाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने SHE-मार्ट्स की घोषणा की है, जो ‘लखपति दीदी’ पहल की तर्ज पर ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनने में मदद करेंगी। इससे महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने और आत्मनिर्भर बनने का एक नया डिजिटल मंच मिलेगा।
कुल मिलाकर, ‘Bharat VISTAAR’ केवल एक एआई टूल नहीं, बल्कि खेती के भविष्य की रूपरेखा है। सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में भारतीय कृषि तकनीक, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे आगे बढ़ेगी, जहां किसान सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि स्मार्ट फैसलों के जरिए अपनी आय बढ़ाएंगे।
