नई दिल्ली। ट्रेन टिकट बुकिंग के दौरान वेटिंग लिस्ट और कन्फर्मेशन की टेंशन झेलने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत दी है। आज यानी 12 जनवरी 2026 से IRCTC ने टिकट बुकिंग से जुड़ा एक अहम नियम बदल दिया है, जिससे न सिर्फ कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि दलालों, बॉट्स और फर्जी आईडी से टिकट कब्जाने वालों पर भी सीधा प्रहार होगा। रेलवे का दावा है कि इस फैसले से रिजर्वेशन सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बन सकेगा।
नए नियम के तहत अब एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन केवल आधार से वेरिफाइड IRCTC यूजर्स ही जनरल रिजर्व टिकट बुक कर पाएंगे। खास बात यह है कि पहले जहां यह सुविधा सीमित समय के लिए थी, वहीं अब बुकिंग खुलने के दिन रात 12 बजे तक पूरा दिन आधार-ऑथेंटिकेटेड यूजर्स को टिकट बुक करने का मौका मिलेगा। इससे पहले तक आधार-वेरिफाइड अकाउंट को सिर्फ सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही प्राथमिकता मिलती थी।
रेलवे ने इस व्यवस्था को एकदम से नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। शुरुआत में बुकिंग खुलने के पहले 15 मिनट तक आधार वेरिफिकेशन जरूरी किया गया, फिर इसे सुबह 8 से 10 बजे तक बढ़ाया गया। बाद में 29 दिसंबर 2025 को यह समय दोपहर 12 बजे तक किया गया और 5 जनवरी 2026 से शाम 4 बजे तक लागू रहा। अब 12 जनवरी 2026 से पूरे दिन यह नियम प्रभावी कर दिया गया है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा। फर्जी अकाउंट, ऑटोमेटेड बॉट्स और दलालों के जरिए बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेने की प्रवृत्ति पर अब लगाम लगेगी। रेलवे के मुताबिक हाल के महीनों में करीब 5.73 करोड़ संदिग्ध या लंबे समय से निष्क्रिय IRCTC अकाउंट को बंद या सस्पेंड किया गया है। इससे सिस्टम पर अनावश्यक लोड कम होगा और असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
हालांकि, कंप्यूटराइज्ड PRS काउंटर से टिकट बुक करने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नया नियम सिर्फ ऑनलाइन वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुक करने वालों पर ही लागू होगा।
रेल मंत्रालय का कहना है कि आधार वेरिफिकेशन और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल यात्रियों के हित में किया जा रहा है, ताकि टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगे, दलालों की भूमिका खत्म हो और रेलवे रिजर्वेशन का लाभ वास्तव में जरूरतमंद यात्रियों तक पहुंचे।
