नई दिल्ली. देशभर में 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कई किसान संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान करते हुए ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है. इस बंद का असर खासतौर पर सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, परिवहन सेवाओं और बाजारों पर देखने को मिल सकता है. कई जगहों पर प्रदर्शन और चक्का जाम जैसी गतिविधियों की संभावना के चलते आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है.
इस बंद को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) जैसे बड़े किसान संगठनों का समर्थन मिला है. वहीं ट्रेड यूनियनों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएं मजदूरों के हितों पर चोट करती हैं, इसी के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है.
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ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि नई श्रम संहिताओं से कर्मचारियों के अधिकार कमजोर होंगे, नौकरी की सुरक्षा घटेगी और नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों को आसानी से नियुक्त या हटाना संभव हो जाएगा. इसके साथ ही यूनियनों ने निजीकरण, वेतन से जुड़े मुद्दों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की है. यूनियनों के मुताबिक, कई क्षेत्रों में हड़ताल के नोटिस जारी हो चुके हैं और बंद की तैयारियां तेज हो गई हैं.
इस भारत बंद में यूनियनों की प्रमुख मांगों में चारों श्रम संहिताओं को रद्द करना, बीज विधेयक, विद्युत संशोधन विधेयक और परमाणु ऊर्जा से जुड़े अधिनियम को वापस लेना शामिल बताया गया है. साथ ही मनरेगा (MGNREGA) को बहाल करने और कुछ अन्य प्रस्तावित योजनाओं को रद्द करने की मांग भी उठाई गई है.
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अगर स्कूल-कॉलेज की बात करें तो देशभर में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कुछ राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक और ओडिशा में स्थिति प्रभावित हो सकती है. यदि वहां परिवहन सेवाएं बाधित होती हैं या स्थानीय संगठन बंद को मजबूती से लागू करते हैं, तो कई जगह स्कूल-कॉलेज बंद रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे संबंधित संस्थान की सूचना पर नजर बनाए रखें.
वहीं बैंकिंग सेवाओं पर बंद का असर अधिक देखने को मिल सकता है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है. AIBEA, AIBOA और BEFI जैसे बैंक कर्मचारी संगठनों ने भी अपने सदस्यों से हड़ताल में भाग लेने की अपील की है. बताया जा रहा है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भी संकेत दिया है कि 12 फरवरी को बैंक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. इसके अलावा IDBI बैंक को भी यूनियनों से हड़ताल संबंधी सूचना मिल चुकी है.
हालांकि, अभी तक RBI या किसी बैंक ने 12 फरवरी को आधिकारिक बैंक अवकाश घोषित नहीं किया है, इसलिए संभावना है कि बैंक शाखाएं खुली रहें, लेकिन कर्मचारियों की भागीदारी के कारण कामकाज आंशिक रूप से ठप हो सकता है. ग्राहकों को चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और ब्रांच सेवाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि ATM और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ जगहों पर मामूली बाधा संभव है। निजी बैंकों पर असर अपेक्षाकृत कम माना जा रहा है, लेकिन स्थिति क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है.
भारत बंद का असर बाजारों और परिवहन पर भी पड़ सकता है. कई जगह प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क जाम या चक्का जाम किए जाने की संभावना है, जिससे बस, ऑटो, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकते हैं. जिन इलाकों में बंद को सख्ती से लागू किया जाएगा, वहां दुकानें और बाजार बंद रह सकते हैं. सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति कम होने या कार्यालय बंद रहने की संभावना है.
हालांकि राहत की बात यह है कि अस्पताल, एंबुलेंस, मेडिकल सेवाएं और अन्य आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहने की उम्मीद है. वहीं हवाई अड्डे और जरूरी सेवाएं भी संचालित रहेंगी, लेकिन ट्रैफिक बाधित होने पर यात्रियों को समय से पहले निकलने की सलाह दी गई है.
कुल मिलाकर, 12 फरवरी का भारत बंद कई राज्यों में आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. ऐसे में लोगों को जरूरी काम पहले निपटाने और यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी जा रही है.
