अम्बिकापुर. अपनी करतूत के लिए चर्चित सरगुजा का आबकारी विभाग एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. मामला भले ही अवैध शराब पकड़ने का हो लेकिन इस कार्रवाई में भी आबकारी विभाग के हाथ रंगीन होने की खबरें विशेष चर्चा का केंद्र बनी है. फिलहाल, आबकारी विभाग ने अवैध शराब की खेप समेत एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, लेकिन इस पूरे मामले में आबकारी विभाग और एक शराब कोचिया कम माफिया की मिली भगत की बात भी सामने आ रही है.
मैनपाट से जुड़े हैं तार
जानकारी के मुताबिक, आबकारी विभाग के काबिल दरोगा अनिल गुप्ता को अवैध शराब परिवहन की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर दरिमा थाना क्षेत्र के अड़ची गांव में एक इनोवा वाहन को रुकवाकर उसकी तलाशी ली. तो उसमें मध्यप्रदेश में बिकने वाली गोवा शराब की 15 पेटी मिली. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शराब मैनपाट ले जाई जा रही थी. जहां इसकी डिलीवरी किसी शराब माफिया को की जानी थी. जानकारी के मुताबिक जिस माफिया को शराब पहुंचना था, वो अपनी लंबे अर्से से अवैध शराब का कारोबार करता है, और उसी अवैध कमाई के बलबूते वो मैनपाट में कई लाख की लागत से होटल कम रिसॉर्ट बना रहा है.
लेनदेन की भी खबर
सूत्र बताते हैं कि, इस पूरे मामले में जिस लड्डू सिंह नाम के आदमी को आरोपी बनाया गया है. वो कई साल पहले अम्बिकापुर के एक शराब दुकान में सुपरवाइजर का काम करता था. उसी दौरान मैनपाट के शराब कोचिया कम माफिया और आबकारी विभाग के अधिकारी से उसकी अनबन हो गई थी. लिहाजा उसी रंजिश के तहत पहले शराब कोचिया ने उससे शराब पहुंचाने के लिए कहा, फिर इसकी जानकारी उसने आबकारी विभाग को दे दी. अवैध शराब परिवहन के इस मामले में विभाग और शराब कोचिया के बीच 5 लाख रुपए के लेन देन की भी खबर है. हालांकि, कार्रवाई करने वाले अधिकारी इस बात से साफ इंकार कर रहे है. उनका कहना है कि एक आरोपी को पकड़ लिया गया है और गाड़ी चला रहा शख्स फरार हो गया है. ऐसे में सवाल ये है कि जब आबकारी विभाग पूरे दल बल के साथ घेराबंदी करके खड़ा था. तो एक आरोपी कैसे भाग गया..और जो भागा कहीं वो कोचिया ही तो नहीं था?
विभाग के हाथ कितने लंबे?
फिलहाल, आबकारी विभाग इस पूरे मामले में आबकारी नियमों के तहत कार्रवाई कर रहा है, लेकिन हमेशा की तरह इस कार्यवाही के पीछे भी कई सवाल खड़े हो गए है. तो देखना है कि मध्यप्रदेश की शराब पकड़ने वाले आबकारी विभाग के अधिकारी के हाथ शराब मंगाने वाले कोचिया के गिरेबान तक पहुंचते हैं या हाथ जेब तक ही पहुंच पाते हैं.
इस संबंध में फ़टाफ़ट न्यूज ने जिला आबकारी अधिकारी एलके गायकवाड से फ़ोन पर जानकारी ली. तो उन्होंने बताया कि, “इस मामले में एक आरोपी पकड़ाया है.” जब उनसे पूछा गया कि, साथ में कोई और था. तब उन्होंने कहा कि, “और कोई था, फरार-वरार हुआ हो, पूछता हूं मैं. एक आरोपी पकड़ाया है बताया गया है.” जब उनसे पूछा गया कि, शराब लेकर कहां ले जाया जा रहा था? तब उन्होंने कहा कि, “ये मुखबिरी है हमलोग का.” अंत में जब उनसे पूछा गया कि, ये शराब तस्कर कहां लेकर जा रहा था, तब उन्होंने जवाब में कहा, “अभी पूछताछ चल रहा है, बताएगा.”
वहीं इस संबंध में आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर अनिल गुप्ता ने बताया कि, “15 पेटी में कार्रवाई हुआ है, एक आरोपी को पकड़ा गया है, विवेचना में है.” वहीं जब उनसे पूछा गया कि, कोई और था में. तब उन्होंने बताया कि, ”अंधेरे में भाग गया, देख रहे है अभी. दूसरा आदमी कौन था पता नहीं चला है.” शराब कहां लेकर जा रहे थे पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि, “अभी तक कुछ नहीं बताए, बोले हमलोग लेकर जा रहे थे. हमलोग पूछ रहे है कुछ बोल ही नहीं रहा है.” वहीं जब उनसे रुपए पैसे के लेनदेन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, “ये जबरजस्ती का आरोप है, सही काम कीजियेगा तो यही हो जाता है.”
