रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और बीते दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में खंड वर्षा का दौर जारी है. राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से ही आसमान घने बादलों से ढका हुआ है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है. मौसम विभाग ने 18 और 19 मार्च को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से प्रदेशभर में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई है. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी और कांकेर सहित कई जिलों में बादलों की मौजूदगी ने तापमान को नीचे गिरा दिया है, जिससे लोगों को तेज गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम का यह बदला रुख किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है.
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मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. इसके बाद फिर से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी होने के आसार हैं. मंगलवार को प्रदेश में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जिसमें दुर्ग में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि रायपुर के माना में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आज राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री रहने की संभावना है, साथ ही दिनभर आंशिक बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं.
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प्रदेश के कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. बीजापुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, मुंगेली और नारायणपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां मध्यम से तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका है. इसके साथ ही बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बेमेतरा, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, कोंडागांव, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी कर हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है.
मौसम के इस बदले रुख का सबसे ज्यादा असर रबी फसल पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इस समय खेतों में खड़ी फसल को बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है.
