रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 9 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में प्रशासन ने एक और कड़ा संदेश दिया है. जघन्य अपराध के आरोपी 68 वर्षीय अब्दुल सज्जाद अंसारी के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ प्रशासनिक शिकंजा भी कसता नजर आ रहा है. रायपुर नगर निगम की टीम ने आरोपी की अवैध रूप से निर्मित दुकान को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया.
यह वही आरोपी है जिसने चॉकलेट और मिठाइयों का लालच देकर मासूम बच्ची को अपनी दुकान पर बुलाया और लगातार पांच दिनों तक उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. डर और धमकियों के कारण बच्ची लंबे समय तक चुप रही, लेकिन आखिरकार नहाते समय उसने अपनी चाची को पूरी आपबीती सुनाई. 12 जनवरी की सुबह बच्ची के दर्द से कराहने के बाद जब चाची ने उससे सवाल किया, तब यह दिल दहला देने वाला मामला सामने आया.
शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद नगर निगम ने जांच में पाया कि आरोपी की दुकान अवैध रूप से बनाई गई थी. इसी आधार पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर कार्रवाई कर दुकान को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पीड़ित बच्ची के परिजन मौजूद रहे, जिन्होंने आरोपी को फांसी देने की मांग की.
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह उचित और कानून के दायरे में है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सजा का फैसला न्यायालय करेगा, क्योंकि फांसी जैसी सजा देने का अधिकार केवल कोर्ट को है.
पीड़ित बच्ची ने परिजनों को बताया था कि ‘चूड़ी वाले अंकल’ रोज उसे चॉकलेट देकर बुलाते थे और घटना किसी को बताने पर मारने की धमकी देते थे. यह सिलसिला 7 से 11 जनवरी तक चलता रहा. अब आरोपी जेल में है.
