अम्बिकापुर/अनिल उपाध्याय. सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र में अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से काटी गई यूकेलिप्टस (नीलगिरी) लकड़ी से भरा एक ट्रक जब्त किया है. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने ग्राम चलता से ट्रक को पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया. जब्त ट्रक में भारी मात्रा में नीलगिरी प्रजाति की लकड़ी लोड थी, जिसे तस्कर उत्तर प्रदेश ले जाकर खपाने की तैयारी में थे. वन विभाग की इस कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है.
बताया जा रहा है कि सीतापुर क्षेत्र में लंबे समय से बिना अनुमति नीलगिरी, आम, खम्हार सहित अन्य प्रजातियों के पेड़ों की अवैध कटाई का सिलसिला लगातार जारी है. यूपी समेत अन्य राज्यों से आने वाले तस्कर स्थानीय दलालों की मदद से गांवों में पहुंचकर भोले-भाले ग्रामीणों को झांसे में लेते हैं और औने-पौने दामों में पेड़ खरीदकर बिना किसी वैधानिक अनुमति के उनकी कटाई कर देते हैं. इसके बाद इन लकड़ियों को उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल जैसे राज्यों में ले जाकर ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है, जिससे तस्करों को भारी मुनाफा होता है.
सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्कर स्थानीय दलालों के जरिए राजनीतिक संरक्षण भी हासिल कर लेते हैं, जिससे वे लंबे समय से बेखौफ होकर अवैध कटाई को अंजाम दे रहे हैं. जबकि शासन द्वारा लकड़ी कटाई के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं और अनुमति प्राप्त करने के लिए लंबी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है. बावजूद इसके, तस्कर नियमों को ताक पर रखकर लगातार जंगलों और निजी भूमि में अवैध कटाई कर रहे हैं.
वन विभाग द्वारा जब्त ट्रक का नंबर UP62/BT/8461 बताया गया है. इसमें लगभग 30 टन नीलगिरी लकड़ी लोड थी, जिसकी कीमत अंतर्राज्यीय बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है. इस मामले में वन विभाग ने वाहन चालक अकमल आ० असलम (उम्र 27 वर्ष), निवासी अहमदपुरा असरौली, प्रयागराज के विरुद्ध वन अधिनियम की धारा 52(1), 33(1), 41 सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की है.
इस पूरी कार्रवाई में रेंजर विजय कुमार तिवारी सहित रमेश मंडावी, राजेश यादव, त्रिभुवन सिंह, राजू बेक, जुवेल बरवा और अविनाश किंडो की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
