रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजनीति में सरगुजा ओलंपिक को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि जिन्होंने पांच साल तक प्रदेश को लूटा, वही आज सरकार को नसीहत दे रहे हैं, जो शोभा नहीं देता. शनिवार को सरगुजा रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री साय ने यह बयान दिया और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया.
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरगुजा में आज “सरगुजा ओलंपिक” का शुभारंभ हो रहा है, जो तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन है. इस खेल आयोजन में खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभागियों को मंच दिया जा रहा है, ताकि प्रतिभाएं सामने आ सकें. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खेलों के जरिए गांव-गांव के युवाओं को जोड़ना है और उन्हें अवसर देना है.
दरअसल, छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष ने सरगुजा ओलंपिक को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं. बैज ने आशंका जताई कि बस्तर की तरह इस आयोजन में भी घोटाले हो सकते हैं और सरकार को इसकी गारंटी देनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि मार्च-अप्रैल की भीषण गर्मी और परीक्षा के समय में ऐसे आयोजन कर युवाओं को परेशानी में डाला जा रहा है, जबकि खेलों का आयोजन ठंड के मौसम में होना चाहिए.
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा और कहा कि जिनके कार्यकाल में प्रदेश में भ्रष्टाचार हुआ, वही आज पारदर्शिता की बात कर रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजन कर रही है और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश नहीं है.
मुख्यमंत्री साय ने यह भी जानकारी दी कि सरगुजा दौरे के दौरान अम्बिकापुर में कृषक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रभर के किसान शामिल होंगे. इसके साथ ही कुदरगढ़ महोत्सव में भी उनकी सहभागिता रहेगी, जिससे क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
