बलरामपुर. अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती के मामले में एंड टू एंड विवेचना करते हुए बलरामपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने बिहार और झारखंड से दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है. इस प्रकरण में इससे पहले 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा लगातार पुलिस टीमों की मॉनिटरिंग की जा रही थी. तकनीकी साक्ष्यों और गहन विवेचना के आधार पर बलरामपुर पुलिस की अलग-अलग टीमें झारखंड और बिहार के कई संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दे रही थीं.
पुलिस के अनुसार, थाना कुसमी क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ तथा थाना कोरंधा क्षेत्र के ग्राम तुरीपानी खजूरी में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद बलरामपुर पुलिस ने प्रशासन, एफएसएल और अन्य संयुक्त टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. जांच के दौरान खेतों में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती पाई गई.
कार्रवाई के दौरान ग्राम त्रिपुरी से कुल 4344.569 किलोग्राम अफीम की फसल, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 75 लाख रुपये है, जब्त की गई. वहीं ग्राम तुरीपानी खजूरी से 1883.76 किलोग्राम अफीम की फसल बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है. दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत कार्रवाई करते हुए पहले ही 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है.
विवेचना के दौरान पुलिस को इस अवैध कारोबार के मुख्य सरगनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. इसके बाद गठित पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर झारखंड और बिहार में लगातार दबिश दी. इसी क्रम में थाना कुसमी के अपराध क्रमांक 26/2026 में आरोपी सरगना पैरू सिंह भोक्ता (35 वर्ष), निवासी सोमिया, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार) को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार किया गया.
इसी तरह थाना कोरंधा के अपराध क्रमांक 04/2026 में मुख्य आरोपी भूपेन्द्र उरांव उर्फ भूपेन्दरा उरांव (38 वर्ष), निवासी ग्राम चाया, पोस्ट कुन्दा, पंचायत बोधाडीह, जिला चतरा (झारखंड) को भी उसके गांव से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया.
पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाई है. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है. पुलिस के अनुसार मामले की एंड टू एंड विवेचना अभी जारी है और अवैध अफीम खेती से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है.
