सरगुजा का सबसे बड़ा पारंपरिक ‘करमा उत्सव’ का आयोजन की तिथि तय, इस महीने के 11 तारीख़ को होगी.…

बूढ़ादेव पूजा स्थल मेढ़लीपारा नवापारा कलां में होगा करमा प्रतियोगिया

Karma festival in surguja 2022: भादो माह आते ही लोक कला के साथ अपनी ख़ास परंपराओं के लिए प्रसिद्ध सरगुजा का नाम पहले ही आता है। सरगुजा में करमा लोकगीत काफ़ी प्रसिद्ध है इस उत्सव का शुरुआत हो चुकी हैं। भादो मास के एकादशी के दिन उपवास के बाद करमी वृक्ष के डंगाल को आंगन में लगाकर करम देवता की पूजा करते हैं। इसके बाद इस उत्सव की शुरुआत होती हैं। इस दौरान पूरे सरगुजा के गावों-मोहल्लों में महिला और पुरुषों का समूह आंगन, देवालयों और सार्वजनिक स्थलों पर करमा गीत, मंदार की थाप और झांझ के झनकार पर नृत्य कर धूमधाम से ये उत्सव मनाते हैं करमा का सिलसिला फागुन करमा (होली) के दिन खत्म होती हैं। इस पर्व को धूमधाम और यादगार बनाने लिए कई जगहों पर कई गांव, समिति, संगठन, दल, शहर मिलकर पारंपरिक रूप से करमा का अयोजन करते हैं। इस तरह का आयोजन ग्राम पंचायत नवापारा कलां में “आदिवासी (बुढादेव) लोक संस्कृति समिति (मेढ़लीपारा) एवं समस्त क्षेत्रवासी प्रेमनगर के द्वारा प्रति वर्ष बड़े पैमाने पर हर्षोल्लास के साथ इस पर्व को प्रतियोगिता के रूप में किया जाता हैं।


लोक पर्व का सीधा संबंध कृषि और पर्यावरण से हैं। सरगुजा अंचल के आदिवासियों/मूलनिवासियों का लोक जीवन मूल्य रूप से कृषि और वन का आधारित हैं। कृषक समाज लोक पर्वों के जरिए अपने भावों को व्यक्त किया करते है। अभी स्थिति ऐसी बनी हैं कि हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं और विलुप्ति के कगार पर हैं इसको बरकरार रखने के लिए आदिवासी (बुढादेव) लोक संस्कृति समिति (मेढ़लीपारा) नवापारा कलां ‘करमा पर्व’ को प्रतियोगिता का स्वरूप देकर करमा का आयोजन करता हैं जिसे आदिवासी/मूल निवासी समाज अपने पूर्वजों द्वारा प्रचलित मूल संस्कृति और तीज त्यौहार का अस्तित्व बने रहे। आगामी 11 सितंबर दिन रविवार को इसका व्यापक स्तर पर धूमधाम से अयोजन किया जाएगा। और इस आयोजन में जो टीम पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों का टीम को प्रोत्साहन राशि के रूप में निर्धारित किया हुआ पुरस्कार दिया जाता हैं। यह कार्यक्रम 11 सितंबर को सुबह 9 बजे करम देवता की पूजा करते हुए शुरुआत होगी।


इस आयोजन के संबंध में आदिवासी (बुढादेव) लोक संस्कृति समिति के अध्यक्ष अनुकसाय टेकाम ने बताया कि महज़ एक सप्ताह का समय ही बचा हैं समय को देखते हुए इसकी तैयारी जोरों पर हैं, तैयारियां तो उसी वक्त पूरा होगा जिस वक्त आयोजन शुरू होगा। आगे बताते हुए कहा हमारे कार्यक्रम बहुत बड़ा होता हैं इस वर्ष तो बतौर मुख्य अथिति अमरजीत भगत (मंत्री खाद्य आपूर्ति व संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन) जी शामिल होंगे वही इस आयोजन का अध्यक्षता करेंगे इस क्षेत्र के विधायक खेलसाय सिंह(अध्यक्ष सरगुजा विकास प्राधिकरण)। हर वर्ष की भाती इस वर्ष भी 10 हजार से अधिक लोगों का आने का उम्मीद हैं। और पहले जैसे ही इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम से इस उत्सव को मनाया जाएगा। क्योंकि सभी लोगों को पता चल ही गया कि हमारे कार्यक्रम कैसा,कितना अच्छा होता हैं तो लोग तो आते ही है।


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