
अम्बिकापुर। जीवित महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर जमीन हड़पने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अम्बिकापुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत भिट्ठीकला की निवासी शंकरबाई पति बरातु को वर्ष 2016 में कागजों में मृत दिखा दिया गया, जिससे उसकी बहुमूल्य जमीन पर कब्जा किया जा सके।
फर्जीवाड़े का खुलासा
पीड़िता शंकरबाई के अनुसार, पंचायत सचिव दयाराम पैकरा ने 2016 में उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया और रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया। इस साजिश में भू-माफिया और उसके रिश्तेदारों की मिलीभगत बताई जा रही है। फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर उसकी जमीन को ऊंचे दामों में बेचने की योजना बनाई गई थी, जबकि शंकरबाई खुद इस जमीन को बेचना नहीं चाहती।
प्रशासन से गुहार
जब शंकरबाई को इस जालसाजी की जानकारी मिली, तो उसने तुरंत मणिपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई और न्यायालय में भी परिवाद दायर किया। अब वह प्रशासन से अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र और जमीन वापस पाने की मांग कर रही है।
भू-माफियाओं की साजिश
अम्बिकापुर के आसपास के क्षेत्रों में भू-माफिया सक्रिय हैं, जो सस्ती जमीन खरीदकर ऊंचे दामों में बेचने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाते हैं। शंकरबाई के मामले में भी यही रणनीति अपनाई गई, जहां उसे मृत घोषित कर उसकी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया गया।
सचिव पर आरोप, जवाब देने से इनकार
पीड़िता ने बताया कि पंचायत सचिव दयाराम पैकरा अब लगातार उसके घर आकर समझौते के लिए दबाव बना रहा है। जब इस मामले पर पंचायत सचिव से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया और समाचार प्रकाशित न करने को भी कहा गया।
अब क्या होगा?
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या पीड़िता को पुनः जीवित प्रमाण पत्र मिलेगा या इस मामले को दबाने का प्रयास किया जाएगा?