रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत आज एक अहम मोड़ पर है, जहां विधानसभा के बजट सत्र में राज्य सरकार धर्मांतरण के मुद्दे पर बड़ा कदम उठाने जा रही है। आज (19 मार्च 2026) सदन में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पेश किया जाएगा, जिसे अवैध और जबरन कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए तैयार किया गया है। सरकार की रणनीति इसे चर्चा के बाद उसी दिन पारित कराने की है।
यह विधेयक गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसमें पहले के मुकाबले अधिक कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे धर्मांतरण से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई संभव हो सके।
दरअसल, राज्य सरकार ने हाल ही में वर्ष 2006 के पुराने धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक को वापस ले लिया था, ताकि नए सिरे से मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जा सके। इसी के तहत अब 2026 का नया विधेयक लाया जा रहा है।
सदन की कार्यवाही भी आज काफी गरम रहने वाली है। प्रश्नकाल के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा और मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल विभिन्न सवालों का जवाब देंगे। इस दौरान आयुष्मान योजना, सड़क सुरक्षा निधि और पुलिस भवन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
वहीं, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में फोर्टीफाइड चावल वितरण में गड़बड़ी का मुद्दा गूंजेगा, जिस पर विधायक ओंकार साहू के सवाल का जवाब खाद्य मंत्री देंगे। इसके अलावा भारत सरकार से मिली विशेष सहायता राशि के दुरुपयोग का मामला भी सदन में उठेगा, जिस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी विधायक सुशांत शुक्ला के प्रश्नों का उत्तर देंगे।
इसके साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग संशोधन विधेयक और हाउसिंग बोर्ड संशोधन विधेयक को भी पारित कराने की तैयारी है। सात विभागों से जुड़े अहम दस्तावेज भी आज सदन के पटल पर रखे जाएंगे। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज का दिन कानून और मुद्दों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है।
