रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टाटीबंध इलाके में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया. यहां 65 वर्षीय राजकुमार गुप्ता की दर्दनाक मौत उस वक्त हो गई, जब उनके घर में अचानक आग भड़क उठी और वे भीतर ही जिंदा जल गए. बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में ताला लगा हुआ था और बुजुर्ग अकेले थे, जबकि बेटा-बहू काम पर निकले हुए थे.
सुबह करीब आठ बजे उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया. आसपास के लोगों ने धुआं उठता देखा तो शोर मचाया और तत्काल पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी. पुलिस और फॉरेंसिक टीम समय पर मौके पर पहुंच गई, लेकिन फायर ब्रिगेड की टीम करीब एक घंटे बाद पहुंची, तब तक घर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था और भीतर मौजूद बुजुर्ग की जान नहीं बचाई जा सकी.
घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंचती, तो शायद राजकुमार गुप्ता की जान बच सकती थी. देरी को लेकर लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और लापरवाही का आरोप लगाया. लोगों का कहना है कि टाटीबंध जैसे घनी आबादी वाले इलाके में आपात सेवाओं की तत्परता बेहद जरूरी है, लेकिन इस घटना ने सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया.
पुलिस ने मौके को सील कर जांच शुरू कर दी है. फॉरेंसिक टीम ने जले हुए घर के भीतर से साक्ष्य जुटाए हैं और आग लगने के कारणों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग इतनी तेजी से फैली कि बुजुर्ग को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला. आसपास के रहवासियों ने यह भी बताया कि क्षेत्र के कई मकान पुराने और ज्वलनशील सामग्री से बने हैं, जिससे आग का खतरा हमेशा बना रहता है.
फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी.
