रायपुर। सूरजपुर जिले के कुमेली वॉटरफॉल के पास स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस में हुए अश्लील डांस के वायरल वीडियो को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। इस संवेदनशील मामले पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम के बयान ने विवाद को और हवा दे दी है। मंत्री ने कला की परिभाषा को लेकर ऐसा तर्क दिया, जिसे विपक्ष ने बेतुका और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर में एक निजी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कला का दायरा बहुत व्यापक है और इसे केवल धार्मिक जाप या भक्ति तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चे राष्ट्रगान पर प्रस्तुति देते हैं, कहीं फिल्मी गीतों पर नृत्य होता है, तो कहीं भक्ति संगीत पर लोग झूमते हैं। प्रवचनों और भजनों में भी अलग-अलग धुनें होती हैं, जिन पर महिला, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग सभी आनंदित होकर झूमते हैं। उनके मुताबिक कला हर रूप में मौजूद है और यह समाज के हर वर्ग से जुड़ी हुई है।
मंत्री नेताम ने कुमेली रेस्ट हाउस के मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर वहां नृत्य हुआ तो संभव है कि लोगों की कला जागृत हो गई हो और वे ठुमके लगा रहे हों। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वहां फोटो या वीडियो बनाने की जरूरत किसने और क्यों महसूस की। जब मीडिया ने उनसे पूछा कि राज्य के अलग-अलग इलाकों से इस तरह के अश्लील वीडियो सामने आ रहे हैं और क्या उन्होंने संबंधित वीडियो देखा है, तो मंत्री ने कहा कि वीडियो तो वायरल है और टीवी पर भी चल रहा है, ऐसे में वे भी उसे देखेंगे।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सूरजपुर जिले के कुमेली वॉटरफॉल स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस के भीतर हुए अश्लील डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब डेढ़ साल पुराना है। मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की और प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर डिप्टी रेंजर और एक फॉरेस्टर को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पर्यावरण एवं वन विभाग ने प्रदेश के सभी मुख्य वन संरक्षकों और वन मंडल अधिकारियों को निर्देश जारी कर रेस्ट हाउसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
इस पूरे प्रकरण पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आरपी सिंह ने कृषि मंत्री के बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि रामविचार नेताम को वृद्धावस्था में सद्बुद्धि प्रदान करें। आरपी सिंह ने स्पष्ट कहा कि कला और अश्लीलता में साफ अंतर होता है और सूरजपुर के रेस्ट हाउस में जो कुछ हुआ, वह कला नहीं बल्कि अश्लीलता और फूहड़ता का उदाहरण है। उनके अनुसार मंत्री को सार्वजनिक मंच से बयान देने से पहले कला और अश्लीलता के फर्क को समझने की जरूरत है।
