बलरामपुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई ने अवैध मादक पदार्थों के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है. ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में बड़े पैमाने पर की जा रही अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एंड-टू-एंड विवेचना शुरू कर दी है और कई टीमें जांच में जुटी हुई हैं.
पुलिस को 10 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम त्रिपुरी में कुछ लोग रूपदेव राम भगत और कौषिल भगत के खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं. सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी कुसमी तथा एसएफएल, प्रशासन और अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची. जांच के दौरान खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होती मिली और वहां मौजूद कुछ लोग इसकी निगरानी करते पाए गए.
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम रूपदेव राम भगत (50) निवासी त्रिपुरी सरनाटोली, कौषिल भगत (30) निवासी त्रिपुरी माचाडीपा, मनोज कुमार (24) निवासी सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया (बिहार), जिरमल मुण्डा (56) निवासी भगचंद थाना आस्ता जिला जशपुर, उपेन्द्र कुमार (27) निवासी सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया (बिहार), विन्देश्वर (45) निवासी कोलवा थाना जोरी जिला चतरा (झारखंड) और कृष्णा सिंह निवासी कुराग थाना आस्ता जिला जशपुर बताया.
जांच के दौरान खेत में उगाई गई अफीम की पूरी फसल को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया. इसके साथ ही खेत में रखे दो डब्बों में भरा हुआ अफीम का लासा और चार बड़े तथा एक छोटे बोरे में भरे सूखे फल भी बरामद किए गए. विधिवत तौल कराने पर कुल 4344.569 किलोग्राम अफीम बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 1.488 हेक्टेयर यानी 3.67 एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की जा रही थी. राजस्व अभिलेखों के अनुसार यह जमीन डीसीएस सर्वे में ‘पड़ती’ के रूप में दर्ज है और सामान्यतः यहां खेती नहीं की जाती, इसलिए रबी की गिरदावरी भी नहीं की गई थी. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थिति में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत पूरी फसल को जब्त कर विधिवत कार्रवाई की गई.
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सख्त है. राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में सघन जांच अभियान चला रही हैं. यदि कहीं भी अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती पाई जाती है तो जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती की जानकारी मिले तो तुरंत जिला प्रशासन या पुलिस को सूचित करें. सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. वहीं पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है और मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.
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