अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में सरगुजा जिले में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री निवास के सामने एकत्र होकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध जताया.
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन के साथ-साथ पंजीकृत किसानों का धान नहीं खरीदे जाने और बिजली बिलों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरा. घंटों चले इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रैली की शक्ल में एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया.
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने और पलायन रोकने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की शुरुआत की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार योजनाओं का नाम बदलकर जनता को भ्रमित कर रही है.

अमरजीत भगत ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अस्तित्व को मिटाने की कोशिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ रखती है और इसी कारण योजना का नाम बदला गया है.
इस दौरान उन्होंने एसआईआर को लेकर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें जानबूझकर एक वर्ग के नाम काटे जा रहे हैं ताकि उन्हें मतदान अधिकार से वंचित किया जा सके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राजीव गांधी ने युवाओं को मतदान का अधिकार दिलाया था, जबकि मौजूदा सरकार लोगों से अधिकार छीनने की दिशा में काम कर रही है.
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बिजली बिल में राहत दी गई थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद रियायतें खत्म कर दी गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को भी भारी बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे जनता परेशान है.
प्रदर्शन को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तिलक बेहरा, जिला पंचायत सदस्य शिवभरोष बेक, गणेश सोनी, डॉ. लालचंद यादव, बिगन राम, अटल यादव, संतोष गुप्ता, सुनील मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन शिवप्रसाद अग्रहरि ने किया.
प्रदर्शन के बाद कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए मनरेगा में किए गए बदलाव को वापस लेने, पंजीकृत किसानों की धान खरीदी सुनिश्चित करने और बढ़ते बिजली बिलों पर रोक लगाने की मांग की.
इस मौके पर अशोक अग्रवाल, बदरुद्दीन इराकी, संदीप गुप्ता, पार्षद अंकुर दास, मंटू गुप्ता, पंकज दुबे, रतन यादव, गौरीशंकर, नरेश बघेल, दिवाकर मिश्रा, दीपक मिश्रा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
