रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे पसंदीदा सार्वजनिक स्थलों में शुमार तेलीबांधा तालाब स्थित मरीन ड्राइव पर अब सैर करना पूरी तरह नि:शुल्क नहीं रहा। नगर निगम रायपुर ने यहां वाहन पार्किंग पर शुल्क वसूलने का निर्णय लिया है, जिससे रोजाना मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए आने वाले हजारों लोगों पर सीधा असर पड़ेगा। निगम की ओर से लगाए गए सूचना बोर्ड के अनुसार मरीन ड्राइव परिसर में वाहन खड़ा करने पर अब निर्धारित शुल्क देना अनिवार्य होगा।
इसे भी पढ़ें – बलरामपुर की पूनम अधिकारी बनीं ‘टॉप मेकअप आर्टिस्ट सरगुजा 2026’, राज्य स्तरीय मंच पर दिखाएँगी हुनर
इसे भी पढ़ें – आज थमेगा धान बिक्री का सिलसिला, छत्तीसगढ़ के किसानों को मिला ढाई महीने का अवसर
नए प्रावधान के तहत कार पार्किंग के लिए चार घंटे का शुल्क 20 रुपये तय किया गया है, जबकि बाइक और स्कूटी पार्क करने पर 10 रुपये चुकाने होंगे। मरीन ड्राइव सुबह और शाम के समय शहरवासियों की सेहतमंद दिनचर्या का अहम हिस्सा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग टहलने, दौड़ लगाने और खुले माहौल का आनंद लेने पहुंचते हैं।
इसे भी पढ़ें – Weather Update: प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड की मार, सरगुजा संभाग में कड़ाके की सर्दी का अलर्ट
इसे भी पढ़ें – Chhattisgarh News: वसूली और जांच में खेल करने वाले दो आरक्षक पर गिरी गाज, महिला पुलिसकर्मी सस्पेंड और एक लाइन अटैच
नगर निगम के इस फैसले को लेकर आम नागरिकों में नाराजगी साफ नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य के उद्देश्य से आने वालों से भी अब अप्रत्यक्ष रूप से वसूली की जा रही है, जो किसी भी तरह से जनहित में नहीं है। कई स्थानीय नागरिकों ने इसे नगर निगम के राजस्व विभाग का तुगलकी फरमान बताते हुए फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
सार्वजनिक स्थल मरीन ड्राइव पर पार्किंग शुल्क लागू होने से बढ़ते असंतोष के बीच अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जनता के विरोध के बाद नगर निगम अपने फैसले में कोई बदलाव करता है या नहीं।
