बेमेतरा. जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले कुछ शिक्षक अब पढ़ाई छोड़कर “कमाई की क्लास” लेने लगे हैं. विकासखंड शिक्षा अधिकारी बेमेतरा ने ऐसे ही पाँच शिक्षकों को नोटिस थमाते हुए कार्यालय में तलब किया है. आरोप है कि ये शिक्षक शासकीय सेवा में रहते हुए नेटवर्क मार्केटिंग, चिट फंड कंपनी के एजेंट, मेडिकल स्टोर कर्मचारी और यहां तक कि वेलनेस कोच बनकर निजी व्यवसाय कर रहे हैं.
मामला तब सामने आया जब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को शिकायत मिली कि कुछ शिक्षक नियमित शासकीय कार्य छोड़कर निजी कामों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं. शिकायत में यह भी उल्लेख है कि संबंधित शिक्षक दवाइयों की बिक्री तक में शामिल हैं, जो शासकीय सेवा नियमों का खुला उल्लंघन माना जाता है.
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी बेमेतरा ने 22 जनवरी 2026 को जारी आदेश में शिक्षकों को 23 जनवरी को दोपहर 4 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर अपना लिखित पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं. नोटिस की प्रतिलिपि कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है, जिससे साफ है कि मामला अब “फाइल से बाहर” निकल चुका है.

शिक्षा विभाग के गलियारों में चर्चा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित शिक्षकों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. वहीं स्थानीय लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि अब स्कूलों में गणित-हिंदी के साथ “नेटवर्क मार्केटिंग 101” भी पढ़ाई जाने लगी है.
फिलहाल सबकी निगाहें 23 जनवरी की पेशी पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि शिक्षक वास्तव में पढ़ाने में व्यस्त थे या फिर कमाने के नए-नए फॉर्मूले सिखा रहे थे.
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