धमतरी। जिले में कक्षा आठवीं की अंग्रेजी परीक्षा मंगलवार को भारी अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली के तहत आयोजित इस परीक्षा में प्रश्नपत्र वितरण की गंभीर गड़बड़ी सामने आने से छात्र-शिक्षक दोनों ही परेशान नजर आए और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आठवीं के छात्रों की अंग्रेजी विषय की परीक्षा होनी थी, जिसमें हिंदी विशिष्ट और अंग्रेजी विशिष्ट छात्रों के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र तय किए गए थे। लेकिन जमीनी स्तर पर पूरी व्यवस्था बिगड़ गई। कई स्कूलों में हिंदी विशिष्ट के विद्यार्थियों को अंग्रेजी विशिष्ट का पेपर थमा दिया गया, जबकि अंग्रेजी विशिष्ट के छात्रों को सामान्य अंग्रेजी का प्रश्नपत्र दे दिया गया। इससे परीक्षा शुरू होते ही भ्रम और असमंजस की स्थिति बन गई।
हालात तब और बिगड़ गए जब कुछ केंद्रों पर सामान्य अंग्रेजी के प्रश्नपत्र पर्याप्त संख्या में पहुंचे ही नहीं। नतीजतन छात्रों को परीक्षा कक्ष में बैठकर करीब एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर किसी तरह उपलब्ध प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी कराई गई, तब जाकर परीक्षा प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस देरी से छात्रों का समय भी प्रभावित हुआ और मानसिक दबाव भी बढ़ा।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभिभावकों में गहरा आक्रोश देखा गया। कृष्णा साहू, पंकज देवांगन और संतोष साहू ने इसे शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं नगर निगम के उपनेता प्रतिपक्ष सत्येंद्र देवांगन ने भी प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की बात कही।
मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी अभय कुमार जायसवाल ने सफाई देते हुए कहा कि अंग्रेजी विषय के दो अलग-अलग सेट उपलब्ध थे, जिनमें से एक अपेक्षाकृत कठिन था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मूल्यांकन के दौरान प्रश्नपत्र के स्तर का ध्यान रखा जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा दोबारा आयोजित नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि इस वर्ष जिले में कक्षा पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं पूरी तरह नए ढांचे में कराई जा रही हैं। शिक्षा विभाग ने इन्हें बोर्ड की तर्ज पर केंद्रीकृत व्यवस्था के तहत आयोजित करने का फैसला लिया है, ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। नई व्यवस्था के तहत उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब संबंधित स्कूलों में न होकर अन्य संकुलों में किया जाएगा। पांचवीं की परीक्षा 16 मार्च से 25 मार्च तक, जबकि आठवीं की परीक्षा 17 मार्च से 6 अप्रैल तक निर्धारित की गई है।
