बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए बड़ा फैसला लिया है। कोनी स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म में संक्रमण मिलने के बाद शुक्रवार से 10 किलोमीटर के दायरे में चिकन और अंडों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस फैसले से न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, बल्कि शहर के बड़े नॉनवेज कारोबार पर भी सीधा असर पड़ा है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर लागू इस प्रतिबंध के बाद नगर निगम, पशुपालन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार मैदान में हैं। पोल्ट्री फार्म, चिकन दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट्स में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। कहीं भी नियमों का उल्लंघन मिलने पर सामग्री जब्त कर नष्ट करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। निगरानी के लिए 9 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें प्रत्येक में चार सदस्य शामिल हैं और ये शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार सक्रिय हैं।
संक्रमण को देखते हुए सेंदरी, मोपका, तोरवा, लालखदान, राजकिशोर नगर, तिफरा, सकरी, उसलापुर और तारबाहर समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया है कि टीमों के पहुंचते ही कई दुकानें बंद हो जाती हैं, लेकिन उनके लौटते ही दोबारा खुल जाती हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
पोल्ट्री प्रक्षेत्र में सैनिटाइजेशन और सफाई का काम तेज कर दिया गया है और इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। पूरी प्रक्रिया में 7 से 10 दिन लग सकते हैं, तब तक प्रतिबंध जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर एक किलोमीटर के संक्रमित जोन में पूरी तरह सख्ती बरती जा रही है, जहां किसी भी प्रकार की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाहर से चिकन या अंडे लाने पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
स्थिति पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। सकरी, जोंधरा और घुटकू क्षेत्रों से मृत मुर्गियों की सूचना मिली है, हालांकि ये कुछ इलाके प्रतिबंधित जोन से बाहर होने के कारण सीमित कार्रवाई के दायरे में हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने कोनी क्षेत्र में 135 घरों का सर्वे किया, जिसमें तीन लोगों में सामान्य सर्दी-बुखार के लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने और बीमार पक्षियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
इस सख्ती का असर कारोबार पर साफ दिख रहा है। प्रभावित क्षेत्र में करीब 150 दुकानों के जरिए रोजाना 20 टन चिकन और 3 लाख अंडों की बिक्री होती थी, जो अब पूरी तरह ठप हो गई है। अनुमान के मुताबिक, इससे प्रतिदिन करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। कई नॉनवेज रेस्टोरेंट्स ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए हैं, जबकि अन्य जगहों पर चिकन और अंडों के आइटम उपलब्ध नहीं होने के बोर्ड नजर आ रहे हैं।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि हालात सामान्य होने तक चिकन और अंडों के सेवन से परहेज करें और प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि संक्रमण को तेजी से नियंत्रित किया जा सके।
