रायपुर। जिले में आम जनता को डिजिटल और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अब प्रशासन की कड़ी निगरानी में आ गए हैं। जिले में सीएससी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए 260 सीएससी सेंटर बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही 1400 से अधिक ऐसे सीएससी संचालकों की पहचान की गई है, जो लंबे समय से निष्क्रिय पाए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी निष्क्रिय सीएससी आईडी को भी चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।
जिले में वर्तमान में 3000 से अधिक सीएससी आईडी सक्रिय दर्ज हैं, लेकिन जांच के दौरान यह सामने आया कि कई सेंटर केवल कागजों में ही चल रहे थे। ऐसे सेंटरों से आम नागरिकों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं नहीं मिल पा रही थीं, जिससे लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इन्हीं शिकायतों और ऑन-ग्राउंड जांच के आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया है।
कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से नागरिकों को पैन कार्ड से जुड़ी सेवाएं, बिजली-पानी बिल भुगतान, बैंकिंग और बीमा सुविधाएं, पेंशन व छात्रवृत्ति आवेदन, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, ऑनलाइन फॉर्म भरना, टिकट बुकिंग जैसी अहम सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन सेवाओं में लापरवाही का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
सीएससी रायपुर के जिला प्रबंधक सुनील पाण्डेय ने बताया कि यह सख्ती सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए जरूरी थी। जो सीएससी सेंटर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और निर्धारित सेवाएं ईमानदारी से प्रदान कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि निष्क्रिय और लापरवाह संचालकों को सिस्टम से बाहर किया जाएगा।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी सीएससी सेंटरों की नियमित समीक्षा, ऑन-ग्राउंड जांच और प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन जारी रहेगा। इस कार्रवाई से न केवल सीएससी नेटवर्क अधिक मजबूत और प्रभावी होगा, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज, भरोसेमंद और सुचारु डिजिटल सेवाएं मिल सकेंगी।
इसे भी पढ़ें –
मस्जिद में चाकू से हमला, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष की इलाज के दौरान मौत
