रायपुर. छत्तीसगढ़ में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार आज एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत करने जा रही है. मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai शनिवार को बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में ‘गौधाम योजना’ का विधिवत शुभारंभ करेंगे. यह कार्यक्रम Guru Ghasidas Central University के प्रेक्षागार में आयोजित किया जाएगा, जहां से प्रदेशभर में स्थापित किए जा रहे गौधामों की शुरुआत की जाएगी.
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में 29 गौधामों का उद्घाटन किया जाएगा. कार्यक्रम में कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री Ramvichar Netam, Chhattisgarh Gauseva Aayog के अध्यक्ष Visheshar Patel सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे.
‘गौधाम योजना’ के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है. इस योजना के क्रियान्वयन से पूरे प्रदेश में कुल 1460 गौधाम विकसित किए जाएंगे. इन गौधामों में गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि निराश्रित पशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सके.
पशुधन विकास विभाग के अनुसार फिलहाल शासन ने 36 गौधामों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिनमें से 29 गौधामों का पंजीयन Chhattisgarh Gauseva Aayog में हो चुका है. मुख्यमंत्री साय बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से इन गौधामों का शुभारंभ करेंगे. इसके साथ ही 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा.
राज्य सरकार के मुताबिक इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले निराश्रित गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और समुचित प्रबंधन की व्यवस्था करना है, ताकि पशुओं की सुरक्षा के साथ-साथ किसानों और आम लोगों को भी राहत मिल सके.
