अम्बिकापुर. जिला सहकारी बैंक से रुपए निकालकर घर लौट रहे एक ग्रामीण से झपटमारी की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को थाना मणीपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के कब्जे से 24 हजार रुपए नकद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल लगभग 75 हजार रुपए का मशरुका बरामद किया गया है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित कैलाराम, निवासी लक्ष्मीपुर, हुंडरालता थाना मणीपुर, ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 16 जनवरी 2026 को वह जिला सहकारी बैंक से 30 हजार रुपए निकालकर साइकिल से घर लौट रहा था. उसने रुपए अगोछे में बांधकर साइकिल की टोकरी में रखे थे.. शाम करीब 4.30 बजे तेंदूपारा हुंडरालता के पास एक अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल से आया, जिसने हेलमेट पहन रखा था. आरोपी ने मोनू का घर पूछने और शादी-विवाह के लिए लड़की देखने की बातों में उलझाया और अचानक साइकिल की टोकरी में रखे 30 हजार रुपए व पासबुक झपटकर शहर की ओर फरार हो गया.
पीड़ित के शोर मचाने पर पीछा भी किया गया, इसी दौरान एक पड़ोसी ने आरोपी के मोटरसाइकिल का नंबर नोट कर लिया. वाहन का नंबर CG 13 AF 8278, एचएफ डिलक्स हरे रंग की मोटरसाइकिल बताया गया. प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना मणीपुर में अपराध क्रमांक 14/26 धारा 304(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा के दिशा-निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया, गवाहों के बयान लिए और आरोपी की तलाश शुरू की। सतत प्रयासों के चलते रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी विकास गुप्ता को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम विकास गुप्ता, आत्मज ऋषि कुमार गुप्ता, उम्र 35 वर्ष, निवासी खुजरी मंदिर पारा चौकी बारियों थाना राजपुर जिला बलरामपुर-रामानुजगंज, हाल मुकाम शिकारी रोड बौरीपारा थाना कोतवाली अंबिकापुर बताया.
आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि मकान निर्माण और अन्य कार्यों में उस पर उधारी हो गई थी, जिसे चुकाने के लिए उसने झपटमारी की घटना को अंजाम दिया. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 24 हजार रुपए नकद तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है. शेष रकम आरोपी द्वारा खर्च कर दी गई थी. पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मणीपुर उप निरीक्षक सी.पी. तिवारी, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक रामचंद्र गुप्ता सहित आरक्षक सत्येंद्र दुबे, उमाशंकर साहू, रामाशंकर यादव और अनिल सिंह की सक्रिय भूमिका रही.
