अम्बिकापुर। कोल्ड स्टोरेज में आपराधिक विश्वासघात कर आगजनी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को सरगुजा पुलिस ने रायगढ़ जिले से गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा के सख्त निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि प्रार्थी जयशंकर साहू, निवासी बिलासपुर चौक मणिपुर, ने थाना मणिपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका श्याम कोल्ड स्टोर बिलासपुर रोड सांडबार बैरियर के पास स्थित है, जहां धान और महुआ का भंडारण किया जाता है। कोल्ड स्टोरेज की देखरेख और मैनेजर की जिम्मेदारी पिछले तीन वर्षों से पत्थलगांव निवासी टिकेश्वर यादव उर्फ बीर यादव के पास थी। 10 नवंबर 2025 को प्रार्थी ने मैनेजर से कोल्ड स्टोरेज में बचे महुआ की जानकारी ली, जिस पर उसने 356 बोरी महुआ शेष होने की बात कही।
इसी दौरान महुआ खरीदने के लिए एक व्यापारी के आने पर मैनेजर ने मजदूरों को बुलाया और माल दिखाने के बहाने उन्हें अंदर ले गया। कुछ देर बाद मजदूरों ने देखा कि महुआ डंप किए गए स्थान पर आग लगी हुई है। नीचे आकर उन्होंने यह भी देखा कि टिकेश्वर यादव धान रखने वाली जगह पर रखे बोरों में भी आग लगा रहा था। मजदूरों के पूछने पर उसने मालिक को सूचना देने की बात कही और अपनी कार से मौके से फरार हो गया।
आगजनी की सूचना मिलते ही प्रार्थी और मजदूरों ने मिलकर आग पर काबू पाया। जांच के दौरान सामने आया कि ऊपरी तल पर केवल दो बोरी महुआ जली हुई मिली, जबकि शेष महुआ वहां मौजूद ही नहीं था। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने पहले ही 356 बोरी महुआ को चोरी-छिपे बेच दिया था और हिसाब देने से बचने के लिए जानबूझकर कोल्ड स्टोरेज में आग लगाई, ताकि माल के जलने का बहाना बनाया जा सके। इस घटना से प्रार्थी को करीब 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना मणिपुर में अपराध क्रमांक 310/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 326(जी) और 316(3) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गवाहों के बयान दर्ज किए और नुकसान का पंचनामा तैयार किया। आरोपी की तलाश के दौरान सूचना मिली कि वह रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंधुमार सिसिरिंगा में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी टिकेश्वर यादव उर्फ बीर, उम्र 24 वर्ष, को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने श्याम कोल्ड स्टोरेज में काम करते हुए धीरे-धीरे 356 बोरी महुआ को आसपास के गांवों में फुटकर बेच दिया था और बिक्री की रकम खाने-पीने में खर्च कर दी। हिसाब न दे पाने के डर से उसने जानबूझकर गोदाम में आग लगाई और फरार हो गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मणिपुर उप निरीक्षक सी.पी. तिवारी, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक शौकीलाल राज, आरक्षक सतेंद्र दुबे, उमाशंकर साहू, अनिल सिंह और रमाशंकर यादव की सराहनीय भूमिका रही।
