अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केरजु में किसानों के नाम पर कथित फर्जी ऋण आहरण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसी को लेकर विधायक रामकुमार टोप्पो भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल एवं जिलाध्यक्ष अनिल निराला के साथ ग्राम केरजु पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में पीड़ित किसानों ने उनसे मुलाकात कर अपनी पीड़ा रखी और निष्पक्ष जांच की मांग की। किसानों की बात सुनने के बाद विधायक ने स्पष्ट शब्दों में आश्वस्त किया कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विधायक ने बताया कि उन्होंने मामले की जानकारी कलेक्टर को दे दी है, जिस पर कलेक्टर ने भी गंभीरता दिखाते हुए एसडीएम के नेतृत्व में जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच कराने का भरोसा दिलाया है। किसानों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने पूर्व खाद्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इस मामले को राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। पूर्व खाद्यमंत्री द्वारा केरजु समिति में 2 से ढाई हजार किसानों के नाम पर 10 से 12 करोड़ रुपये के फर्जी ऋण का दावा किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि समिति में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या मात्र 1126 है।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने आरोप लगाया कि जिन अनियमितताओं की बात आज की जा रही है, वे पूर्व खाद्यमंत्री के कार्यकाल की देन हैं। यदि उस समय इस ओर गंभीरता से ध्यान दिया गया होता तो आज किसानों को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और भरोसा रखें कि उनके प्रतिनिधि के रूप में वे पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं और न्याय दिलाकर रहेंगे।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भाजपा शासन में न पहले कभी किसानों का अहित हुआ है और न आगे होगा। उन्होंने कहा कि केरजु समिति में ऋण से जुड़ा मामला गंभीर है, क्योंकि कुछ किसान ऐसे हैं जिन्होंने वास्तव में ऋण लिया है, जबकि कई किसान ऐसे भी हैं जिनके नाम पर ऋण दर्शाया गया है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। ऐसे में सच्चाई सामने लाने के लिए प्रशासनिक जांच आवश्यक है, जो जल्द शुरू होगी।
अनिल अग्रवाल ने बिना नाम लिए ग्राम केरजु के एक कांग्रेस नेता पर इस पूरे फर्जीवाड़े का सूत्रधार होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई किसान अपनी ऋण पुस्तिका और पासबुक दूसरों को सौंप देते हैं, जिसका दुरुपयोग कर इस तरह की अनियमितताएं की जाती हैं। उन्होंने किसानों को आगाह किया कि वे अपनी ऋण पुस्तिका और पासबुक किसी को न दें, अन्यथा भविष्य में भी बिना उनकी जानकारी के इस तरह की गड़बड़ियां होती रहेंगी।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में खरीफ फसल के दौरान 829 किसानों को 3 करोड़ 13 लाख 86 हजार 166 रुपये तथा रबी फसल के दौरान 16 किसानों को 27 लाख 80 हजार रुपये का ऋण वितरण किया गया है। कुल मिलाकर समिति द्वारा 3 करोड़ 41 लाख 66 हजार 166 रुपये का ऋण वितरित किया गया है। इस ऋण वितरण में क्या सही है और क्या गलत, यह पूरी तस्वीर जांच के बाद ही सामने आएगी। इसके लिए किसानों को धैर्य रखने और प्रशासनिक जांच में सहयोग करने की आवश्यकता है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि श्रवण दास, मंडल अध्यक्ष त्रिलोचन सदावर्ती, सदानंद गुप्ता, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष प्रद्युम्न पैंकरा, भाजयुमो अध्यक्ष इलु गुप्ता, निर्मल गुप्ता, रूपेश आर्य गुप्ता, समिति अध्यक्ष मदन सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
