सीतापुर/अनिल उपाध्याय. नगर में स्थित डाकघर में खाताधारक के साथ भुगतान की राशि में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है।खाताधारक ने डाकघर के कर्मचारी पर भुगतान में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है।पीड़ित पक्ष का कहना है कि भुगतान के दौरान डाककर्मी द्वारा नोटों की जो गड्डी दी गई थी उसमें से एक गड्डी में नोट कम थे।इस संबंध में खाताधारक द्वारा डाककर्मी के विरुद्ध थाने में ज्ञापन सौंप जांच एवं कार्यवाही की मांग की गई है।खाताधारक द्वारा डाककर्मी के ऊपर भुगतान में गड़बड़ी का आरोप लगाए जाने के बाद डाक विभाग की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ गई है।
इस संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार नगर पंचायत के वार्ड क्र-14 निवासी कृष्णा गुप्ता विगत कई सालों से बचत खाता के माध्यम से नगर के डाकघर में पैसा जमा करते चले आ रहे थे।जमा अवधि पूरी होने के बाद वे खाते में जमा राशि 6 लाख 29 हजार रुपये निकालने डाकघर गए हुए थे।वहाँ उन्होंने पदस्थ डाककर्मी से उक्त 6 लाख 29 हजार राशि अपने दूसरे बचत खाते में जमा करने का अनुरोध किया।खाताधारक कृष्णा गुप्ता ने इतनी मोटी रकम साथ ले जाने में असमर्थता जताते हुए उसे डाकघर में संचालित अपने दूसरे बचत खाते में जमा करने को कहा।जिसे डाककर्मी ने खारिज करते हुए कहा कि राशि जमा करने के बजाए नगद दिया जायेगा।खाताधारक के बार बार कहने के बाद भी वो उनकी बात नही माना और अंदर से नोटों की गड्डी लाकर बिना गिने ही खाताधारक को पकड़ा दिया।जिसे लेकर खाताधारक अपने घर पहुँचा और नोटों की मिलान करने लगा।
इसी दौरान उन्हें 5 सौ की एक गड्डी पर पेन से 90 लिखा नजर आया जिसे गिनने पर उसमें 5 हजार रुपये कम पाए गए।इस बारे में उन्होंने तत्काल डाककर्मी से संपर्क साधा और 5 सौ के नोट की एक गड्डी में 5 हजार रुपये कम होने की बात कह उससे पैसे मांगे।जिसे सुन डाककर्मी भड़क गया और पैसा न देने की बात कह उल्टा खाताधारक को धमकाने लगा।इस संबंध में पीड़ित कृष्णा गुप्ता का कहना है कि उन्होंने नोटों की गड्डी से कोई छेड़छाड़ नही की है।डाककर्मी ने बिना गिने नोटों का बंडल मुझे पकड़ाया और मैं भरोसा करके उसे घर ले आया।घर लाने के बाद जब नोटों की गिनती की गई तब 5 सौ रुपए की गड्डी से की गई नोटों की हेराफेरी सामने आया।उन्होंने डाककर्मी पर नोट की गड्डी में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए थाने में ज्ञापन सौंप कार्यवाही की मांग की है।खाताधारक के साथ भुगतान में हुई गड़बड़ी से डाककर्मी समेत डाक विभाग की विश्वसनीयता भी संदेह के घेरे में आ गई है।
इस संबंध में थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष का आवेदन आया है।इसकी जांच कराते हुए उचित कार्यवाही की जायेगी।
